मेरठ (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कहा कि भारत आयुर्वेद का मूल स्थल है। आयुर्वेद सर्वे भवन्तु सुखिनः के दर्शन पर आधारित है। योग को आज पूरा विश्व अपना रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के आयुष मंत्रालय और आयुष संबंधित योजनाओं की सहायता से युवा आयुर्वेद क्षेत्र में स्टार्टअप के जरिए करियर बना रहे हैं।
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के नेताजी सुभाष चंद्र बोस प्रेक्षागृह में शनिवार से अखिल भारतीय आयुर्वेद महासम्मेलन शुरू हुआ। महासम्मेलन में प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कहा कि आज आयुर्वेद का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। यह महासम्मेलन पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए गर्व की बात है। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के साथ आयुर्वेद को हेल्थ टूरिज्म के क्षेत्र में जोड़ सकते हैं। उत्तर प्रदेश में आयुर्वेद को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि धन्वंतरि त्रयोदशी को आयुर्वेद दिवस के रूप में मनाने से आयुर्वेद को नई पहचान मिलेगी। कोरोना काल में आयुर्वेद की उपयोगिता को लोगों ने समझा। देश में आयुर्वेद की उपयोगिता का वास्तविक उपयोग नहीं हो पाया। आयुर्वेद की वैश्विक स्थापना के लिए यह सम्मेलन महत्वपूर्ण साबित होगा।
राज्यपाल ने कहा कि आयुष मंत्रालय देश में इस तरह के महासम्मेलन के जरिए आयुर्वेद को बढ़ावा देने का काम कर रहा है। आयुर्वेद हजारों वर्षों से स्वस्थ जीवन का मार्ग दिखा रहा है। आयुर्वेद के प्राचीन ग्रंथों का गहन अध्ययन करना आवश्यक है। भारत सरकार के प्रयासों से आयुर्वेद को विशेष पहचान मिल रही है। लोगों का रुझान पाश्चात्य चिकित्सा पद्धति से हटकर आयुर्वेद की ओर बढ़ रहा है। आयुर्वेद से जटिल रोगों का उपचार संभव है। केंद्र और राज्य आयुर्वेद और परंपरागत चिकित्सा पद्धतियों को प्रोत्साहन दे रही है। आयुष मिशन के अंतर्गत आयुर्वेद समेत परंपरागत चिकित्सा पद्धतियों का विकास हो रहा है। योग्य विशेषज्ञ तैयार किए जा रहे हैं।
कुलदीप
