-ग्राम पंचायत सदस्य से लेकर प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, प्रमुख, जिपं सदस्य और अध्यक्ष के मानदेय में बढ़ोतरी
-पंचायत प्रतिनिधियों के निधन पर परिजनों को आर्थिक मदद करेगी सरकार
लखनऊ (हि.स.)। योगी सरकार ने पंचायत प्रतिनिधियों के लिए पिटारा खोल दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को जिला पंचायत अध्यक्ष, ब्लाॅक प्रमुख और ग्राम प्रधान के मानदेय में वृद्धि की घोषणा की है। प्रदेश में अब ग्राम प्रधानों को 3500 से बढ़ाकर पांच हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। वहीं ब्लाॅक प्रमुख का नौ हजार 800 से बढ़ाकर 11 हजार 300 रुपये किया गया है। जिला पंचायत अध्यक्ष का 14 हजार से बढ़ाकर 15 हजार 500 रुपये प्रति माह मानदेय किया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को यहां डिफेंस एक्सपो मैदान में ग्राम पंचायत सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि ग्राम पंचायत सदस्य को अब तक कोई मानदेय नहीं मिलता था। राज्य सरकार अब उन्हें भी मानदेय देगी। ग्राम पंचायत सदस्यों को 100 रुपये प्रति बैठक के हिसाब से मानदेय दिया जाएगा। साल में कम से कम 12 बैठक अनिवार्य रूप से कराई जाएगी। क्षेत्र पंचायत सदस्य के लिए 500 रुपये प्रति बैठक से बढ़ाकर एक हजार रुपये कर दिया गया है। साल में अधिकतम छह बैठक की जाएगी। जिला पंचायत सदस्य के लिए एक हजार रुपये प्रति बैठक से बढ़ाकर 1500 रुपये प्रति बैठक करने की घोषणा की गई है। जिला पंचायत सदस्यों की साल में अधिकतम छह बैठक करने की व्यवस्था सरकार की तरफ से की गई है।
पंचायत प्रतिनिधियों की मृत्यु पर सहायता राशि
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने ग्राम पंचायतों का वित्तीय अधिकार दो लाख से बढ़ाते हुए पांच लाख करने की घोषणा की। जिला पंचायतों की सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 25 लाख किया। ग्राम पंचायत के कोश की स्थापना सरकार करने जा रही है। पंचायत प्रतिनिधियों के पद पर रहने के दौरान यदि मृत्यु होती है तो ग्राम प्रधान, प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्ष को दस लाख रुपये, सदस्य जिला पंचायत को पांच लाख, क्षेत्र पंचायत सदस्य को तीन लाख और ग्राम पंचायत सदस्य को दो लाख की राशि मृतक आश्रित के रूप में उनके परिजनों को दी जाएगी। यह नई व्यवस्था राज्य सरकार द्वारा लागू की जा रही है। मनरेगा के तहत ग्राम पंचायतों द्वारा भुगतान अगले तीन माह के अंदर मनरेगा मजदूरी व मटेरियल का भुगतान ग्राम प्रधान के डिजिटल हस्ताक्षर से करने की व्यवस्था प्रारम्भ करने जा रहे हैं। अभी दो विकास खण्डों में इसे लागू किया जाएगा। उम्मीद है कि यह व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन लेकर आएगा। जिला योजना समिति में भागेदारी बढ़ाई जाएगी। जिला योजना समिति में दो-दो ग्राम प्रधान चक्रानुक्रम में जिलाधिकारी द्वारा नामित करने की व्यवस्था की जा रही है। जिलाधिकारी और पुलिस कप्तान बैठक करके समस्याओं का समाधान करेंगे।
मुख्यमंत्री योगी ने ग्राम प्रधानों को संबोधित करते हुए कहा कि सही मायने में कोई सरकार आपके (प्रधानों) कार्य क्षेत्र में ही काम करती है। यानी विकास की धुरी का आधार कोई बनता है तो वह प्रधान ही हैं। आपसे इन्हीं मुद्दों पर चर्चा के लिए यह सम्मेलन आयोजित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों के विकास के लिए धन की कमी नहीं होने दी जाएगी। किसी व्यक्ति या संस्था को मनमानी भी नहीं करने दी जाएगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने स्मार्ट विलेज बनाने की भी बात की।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश भर से आए ग्राम प्रधानों को विकास के लिए आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि गांवों के विकास में धन की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। पैसों की कमी नहीं होने दी जाएगी। आप लोगों को गांवों के विकास के लिए पर्याप्त पैसा दिया जाएगा। प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ब्लॉक प्रमुख, जिला पंचायत अध्यक्ष व सदस्य, सभी को विकास कराने का पर्याप्त अवसर होगा। किसी व्यक्ति या संस्था को गड़बड़ी करने नहीं दिया जाएगा। विकास कार्य में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी की मंशा है कि स्मार्ट सिटी के साथ ही स्मार्ट विलेज भी बनें। राज्य सरकार उन गांवों को पुरस्कृत करेगी। मुख्यमंत्री योगी ने अपने मंत्रियों, सांसदों और विधायकों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि मंच पर बैठी हमारी टीम के मंत्रियों ने सांसदों, विधायकों और प्रशासन के साथ मिलकर प्रदेश को आगे बढ़ाया है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अभी डबल इंजन की सरकार प्रदेश का विकास करा रही है। गांव की सरकार भी यदि ठीक मंशा के साथ डबल इंजन की सरकार के साथ मिल गई तो ट्रिपल इंजन की सरकार प्रदेश को बहुत आगे ले जाएगी।
कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में लोग आने से डरते थे। अब उत्तर प्रदेश में अपराधी डरेंगे और कोरोना डरेगा। कानून व्यवस्था पटरी पर है। उत्तर प्रदेश में आज निवेश हो रहा है। युवाओं को नौकरी मिल रही है। अभी आपने देखा होगा कि प्रधानमंत्री मोदी ने काशी में भव्य धाम का लोकार्पण किया है। इससे पहले देखा होगा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में सिंचाई की देश की सबसे बड़ी परियोजना को उत्तर प्रदेश को समर्पित किया है। इससे पहले गाजीपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे राष्ट्र को समर्पित किया। 18 दिसंबर को प्रधानमंत्री गंगा एक्सप्रेस का शिलान्यास करने जा रहे हैं। विकास रुकेगा नहीं।
हम लोगों ने प्रदेश में 2018 में अच्छा काम करने वाली ग्राम पंचायतों को सम्मानित करने का कार्य शुरू किया था। आज 346 ग्राम पंचायतें सम्मानित हुई हैं। उनमें पांच ग्राम प्रधानों को मंच पर भी बुलाकर सम्मानित किया गया। प्रदेश में 42 हजार 478 नये ग्राम सचिवालयों का निर्माण हुआ है। उनका आज लोकार्पण हुआ है। इसके साथ ही प्रदेश के सभी ग्राम पंचायत में सचिवालय निर्माण की भी शुरुआत हो रही है। राज्य सरकार ने हर गांव में बैंकिंग सखी की तैनाती की है। अब गांव के लोगों को बैंकों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। पहले लोगों को जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाणपत्र के लिए लोगों को चक्कर लगाना पड़ता था। हर गांव में ग्राम सचिवालय की व्यवस्था के तहत प्रधान के माध्यम से बनवाने का काम करेंगे। अभी तक गांव और विकास खण्ड के विकास की कार्ययोजना नहीं बन पाती थी। इस मौके पर पंचायती राज मंत्री भूपेन्द्र चौधरी, मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य, राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार उपेन्द्र तिवारी, पंचायती राज विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
दिलीप शुक्ला
