लखनऊ (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की कमान संभालने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिलाओं के खिलाफ अपराध और उनकी सुरक्षा को लेकर सख्त रवैया दिखाया। इससे न केवल प्रदेश में इन अपराधों में उल्लेखनीय कमी आई है, बल्कि पीड़ित परिवार भी अपराधियों को सजा दिलाने के लिए आगे आ रहे हैं। सरकार द्वारा जगाए गए आत्मविश्वास के कारण अब महिलाएं भी अपने खिलाफ होने वाले अपराधों की शिकायत करने से गुरेज नहीं कर रही हैं।
प्रदेश में जनवरी से अगस्त तक दुष्कर्म के 1869 मामले दर्ज किए गए। इनमें से 1359 मामलों में आरोप पत्र दाखिल कर दिये गये हैं जबकि 220 में अंतिम रिपोर्ट लगा दी गयी है। 290 मामलों की विवेचना की जा रही है।
जागरूकता के चलते दुष्कर्म के मुकदमे पिछले आठ माह में फतेहगढ़, सीतापुर, खीरी, कौशांबी और हमीरपुर में ज्यादा दर्ज किए गऐ हैं। इन मामलों में संलिप्त कुल 2578 अभियुक्तों में से 2325 अभियुक्तों के खिलाफ कार्रवाई की गयी। वांछित 253 अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
दुष्कर्म के मामलों में बड़ी कार्रवाई करने वाले टॉप पांच जिलों में बदायूं, मुरादाबाद, बिजनौर, अमरोहा और संभल शामिल हैं। जबकि प्रयागराज, शाहजहांपुर, बलरामपुर, कौशाम्बी और फतेहपुर का प्रदर्शन काफी खराब है। इसी तरह पॉक्सो एक्ट के 5957 मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें से 4860 में आरोप पत्र दाखिल कर दिये गये हैं जबकि 373 में अंतिम रिपोर्ट लगा दी गयी है। 724 मामले विचाराधीन हैं।
सरकार की ओर से पॉक्सो एक्ट में सख्त कार्रवाई और जागरूकता का नतीजा है कि पहले जहां लोग इन मामलों को लोकलाज के चलते दर्ज नहीं कराते थे। वहीं प्रदेश के कुछ जिलों में पॉक्सो एक्ट के मामले दर्ज कराने में वृद्धि हुई है। इन जिलों में तेजी के साथ इन मामलों को निपटाया भी जा रहा है। इन जिलों में अयोध्या, कौशांबी, अंबेडकरनगर, कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर और झांसी शामिल हैं।
इन मामलों में संलिप्त कुल 8699 अभियुक्तों में से 8009 अभियुक्तों के खिलाफ कार्रवाई की गयी। 690 अभियुक्त वांछित हैं। पॉक्सो एक्ट के तहत रामपुर, झांसी, हरदोई, खीरी और सीतापुर ने तेजी से कार्रवाई कर प्रदेश भर में अच्छा प्रदर्शन किया है। उधर, औरेया, कमिश्नरेट प्रयागराज, कानपुर, कन्नौज और बहराइच का प्रदर्शन काफी खराब रहा है।
प्रवक्ता ने यह भी बताया कि प्रदेश में पिछले आठ माह में शीलभंग के 6445 मुकदमे दर्ज किए गये। इसमें से 4531 मामलों में आरोप पत्र एवं 596 में अंतिम रिपोर्ट लगायी जा चुकी है जबकि 1318 मामलों में विवेचना चल रही है।
उन्होंने बताया कि इसी तरह प्रदेश में लव जिहाद और धर्म परिवर्तन के कुल 241 मामले दर्ज किए गए। इसमें 176 में आरोप पत्र एवं 16 में अंतिम रिपोर्ट लगा दी गयी है। 48 मामलों की विवेचना की जा रही है। इन मामलों में संलिप्त कुल 790 आरोपियों में से 742 के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। वहीं 48 अभियुक्त वांछित चल रहे हैं। इटावा, आजमगढ़, जौनपुर और संभल में अच्छा प्रदर्शन रहा है। गारेखपुर, कमिश्नरेट प्रयागराज, मुजफ्फनगर, कमिश्नरेट कानपुर और हापुड़ पीछे रहे हैं।
दीपक/दिलीप
