Wednesday, April 1, 2026
Homeउत्तर प्रदेशयोगी सरकार की प्रभावी पैरवी से शातिर उमेश सिंह की रिट याचिका...

योगी सरकार की प्रभावी पैरवी से शातिर उमेश सिंह की रिट याचिका खारिज, पांच लाख का जुर्माना

लखनऊ (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टालरेन्स नीति के तहत प्रदेश में अपराधियों पर लगातार नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में सरकार की प्रभावी पैरवी की बदौलत हाईकोर्ट ने एक शतिर अपराधी की याचिका खारिज करने के साथ उस पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।

राज्य सरकार के प्रवक्ता ने मंगलवार को बताया कि जनपद मऊ की थाना कोतवाली में गैंगस्टर एक्ट के तहत अभियुक्त उमेश सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। अभियुक्त उमेश सिंह ने लगातार आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देते हुए अपने व अपने पुत्रों के नाम से अवैध चल-अचल सम्पत्ति अर्जित की। इसकी कीमत लगभग 6.42 करोड़ है। इस सम्पत्ति के जब्तीकरण के लिए तत्कालीन जिला मजिस्ट्रेट मऊ ने आदेश पारित किया।
प्रवक्ता ने बताया कि अभियुक्त उमेश सिंह ने ये चल-अचल सम्पत्ति आपराधिक कार्यों को अंजाम देते हुए अर्जित की थी, जिसे कुर्क किये जाने के लिए धारा 14(1) गैंगस्टर अधिनियम के अन्तर्गत जिला मजिस्ट्रेट ने आदेश पारित किया था। आदेश के विरुद्ध उमेश सिंह ने उच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर की। उमेश सिंह ने वर्ष 2010 व 2014 में भी अपराधों को अंजाम दिया था। इस तथ्य को अभियुक्त ने न्यायालय के संज्ञान में न लाकर महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाया।
राज्य सरकार ने प्रभावी पैरवी करते हुए न्यायालय के संज्ञान में ये सभी तथ्य लाये। इस पर न्यायालय ने अभियुक्त उमेश सिंह द्वारा तथ्यों को छुपाने का आरोप लगाते हुए रिट याचिका खारिज कर दी तथा उस पर पांच लाख का जुर्माना भी लगाया। इसके साथ ही न्यायालय ने जिला मजिस्ट्रेट, मऊ को आदेश दिया कि यदि अभियुक्त 30 दिन के अन्दर जुर्माना नहीं जमा करता है तो उसकी वसूली भू-राजस्व के बकाया की तरह नियमानुसार की जाए।

RELATED ARTICLES

Most Popular