-उत्तर प्रदेश सरकार के मॉडल का अब बॉम्बे हाईकोर्ट भी कायल हो गया है, डब्लूएचओ कर चुका है तरीफ
लखनऊ। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए सीएम योगी ने टीम-9 की बैठक में फैसला लिया कि सभी सरकारी अस्पतालों में पोस्ट कोरोना मरीजों का इलाज बिल्कुल मुफ्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद जिन लोगों को अन्य बीमारियां हो रही हैं, उनके लिए सरकारी अस्पतालों में भर्ती करने की व्यवस्था की जाए। पोस्ट कोविड बीमारियों का मुफ्त इलाज करने का फैसला करने वाला यूपी पहला राज्य है। राज्य सरकार पूर्व से ही कोविड-19 की निःशुल्क जांच एवं उपचार की सुविधा उपलब्ध करा रही है, प्रदेश में निःशुल्क कोरोना वैक्सीनेशन कार्य भी संचालित किया जा रहा है।
इससे पहले शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने निर्देश में कहा है कि सभी जिलाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि मरीज और उसके परिजनों का किसी भी प्रकार उत्पीड़न न हो। संक्रमण से मुक्त हो चुके मरीजों को भी यदि चिकित्सकीय निगरानी को जरूरत है तो, उनकी मेडिकल कंडीशन के आधार पर एल-1 हॉस्पिटल में ऑक्सीजन युक्त बेड पर भर्ती करा कर सरकार के व्यय पर कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण से लोगों तथा बच्चों को बचाने और कोरोना महामारी पर अंकुश लगाने के लिए प्रदेश की सरकार ने जो मॉडल अपनाया है उसका अब बॉम्बे हाईकोर्ट भी कायल हो गया हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) और देश का नीति आयोग कोविड प्रबंधन के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के ‘यूपी मॉडल’ की तारीफ कर चुका है।
योगी सरकार का ऐलान, पोस्ट कोविड मरीजों को सरकारी अस्पताल में मिलेगी इलाज की सुविधा
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