लखनऊ(हि.स.)। उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव 2022 में भाजपा को मिली प्रचण्ड जीत के पीछे जनसंगठनों के साथ-साथ राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की गतिविधियों का भी अहम योगदान है। संघ ने बदलते हुए परिवेश को ध्यान में रखते हुए छह नई गतिविधियां प्रारम्भ की हैं। इन गतिविधियों में पर्यावरण, ग्राम विकास, गौ संरक्षण, सामाजिक समरसता,सामाजिक सदभाव व कुटुम्ब प्रबोधन शामिल हैं।
समाज में सामाजिक समरसता का निर्माण हो इसके लिए सामाजिक समरसता गतिविधि काम कर रही है। चुनाव की दृष्टि से सामाजिक समरसता विभाग ने सभी विधानसभाओं में सामाजिक समरसता को पुष्ट करने वाले कार्यक्रमों का आयोजन किया। सामाजिक सद्भाव गतिविधि के माध्यम से धार्मिक, सामाजिक व सभी संगठनों को साथ में लेकर सामाजिक सद्भाव बनाने का कार्य संघ कर रहा है। चुनाव से पहले हिन्दू, मुस्लिम, ईसाई, सिख व अन्य मत व पंथ के बीच सम्पर्क व समन्वय बनाने का कार्य सामाजिक सदभाव गतिविधि के कार्यकर्ताओं ने किया।
परिवार हमारे समाज की ताकत है। इसलिए संघ ने कुटुम्ब प्रबोधन का भी कार्य शुरू किया है। चुनाव की दृष्टि से कुटुम्ब प्रबोधन के कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में ड्राइंग रूम संगोष्ठी का आयोजन किया था। पर्यावरण संरक्षण के लिए पर्यावरण गतिविधि काम कर रही है। इसी तरह ग्राम विकास व गौ संरक्षण गतिविधि के माध्यम से संघ के स्वयंसेवक समाज में परिवर्तन लाने का काम कर रहे हैं। संघ से जुड़े सभी संगठन स्वतंत्र और स्वायत्त हैं और व्यवस्था की दृष्टि से स्वावलम्बी भी हैं। वैसे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े प्रमुख रूप से 36 संगठन हैं। इनमें छह जनसंगठन हैं। जिनकी भूमिका समाज में बहुत प्रभावी रहती है।
विधानसभा चुनाव में संघ से जुड़े सभी जन संगठनों ने जिनमें, विश्व हिन्दू परिषद, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, विद्या भारती, किसान संघ और मजदूर संघ के कार्यकर्ताओं ने चुनाव में पूरी ताकत के साथ काम किया। विश्व हिन्दू परिषद ने इस बार सभी विधानसभाओं में विस्तारक निकाले थे। इसके अलावा योगी आदित्यनाथ को दुबारा मुख्यमंत्री बनाने के लिए विहिप के नेतृत्व में संतों की टोलियां गांव-गांव गयी थी। इसके अलावा संगोष्ठी का आयोजन भी बड़े पैमाने पर विहिप ने किया था।
बृजनन्दन
