– बलिया के बैरिया में स्थापित होगा फूड प्रोसेसिंग पार्क
– 10 हजार मिट्रिक टन फल-सब्जी निर्यात का अनुबन्ध
बलिया (हि. स.)। बलिया में गंगा और सरयू नदियों के दोआब की उर्वर मिट्टी तथा गाजीपुर के करइल बेल्ट में पैदा हुई सब्जियां व फल जल्द ही यूरोपीय देशों को निर्यात किया जा सकेगा। इसके लिए सांसद वीरेन्द्र सिंह मस्त की पहल पर 50 करोड़ की लागत से बैरिया में फूड प्रोसेसिंग पार्क स्थापित किया जायेगा।
बलिया व गाजीपुर की मिट्टी में किसान जिस परिश्रम से उपज पैदा करते हैं, अभी तक उसका असल मूल्य उन्हें नहीं मिल पाता। हालांकि, अब उसकी पहचान भारत तथा विश्व स्तर पर हो इसके लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। गाजीपुर में करइल और द्वाबा के संगम में जो सब्जी फल का उत्पादन किसान करते हैं। उसका सही मूल्य मिल सके इसके लिए फूड प्रोसेसिंग प्लान्ट (फूड पार्क) की स्थापना बैरिया में होने जा रहा है। इससे किसानों को उचित लाभकारी कीमत मिल सकेगी। अभी तक 40 फीसदी कच्चे फल और सब्जियां बर्बाद हो जाती हैं।
सांसद वीरेन्द्र सिंह मस्त ने शनिवार को बताया कि कोल्ड चेन के अभाव में जो फल व सब्जियां काफी मात्रा में बर्बाद हो जाती हैं। जिसे बचाने के लिए सरकार के सहयोग से फल व सब्जी उत्पादन की प्रोसेसिंग करने के लिए लगभग 50 करोड़ की लागत से प्लान्ट की स्थापना होने जा रही है। अभी कनाडा समेत अन्य यूरोपीय देशों में 10 हजार मीट्रिक टन का एक्सपोर्ट प्रोसेसिंग फल सब्जी का अनुबन्ध है। यातायात की सुगमता के बाद आने वाले दिनों में इस क्षेत्र की पहचान एग्रो व्यापार के हब के रूप में बनेगी।
पंकज
