लखनऊ (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति के लिए नियमावली प्रक्रिया में संशोधन किया। जिसके तहत उप्र चिकित्सा स्वास्थ्य नियमावली 2020 नामक एक संशोधित सेवा नियमावली का गठन किया। इस नियमावली के तहत 15 विशेषज्ञों में कुल 8431 विशेषज्ञ चिकित्सकों के लक्ष्यानुसार सीधे ग्रेड टू पर भर्ती की प्रक्रिया की जा सकेगी।
इस नियमावली में इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है कि चिकित्सकों के हित सुरक्षित रहें, साथ ही पदोन्नति के बेहतर अवसर प्रदान किए जाएं।
यूपी के इतिहास यह पहली बार है, जब विशेषज्ञ चिकित्सकों की सीधी भर्ती हुई है। इसके अलावा चिकित्सकों अपनी स्वेच्छा से स्वयं अपना तैनाती स्थान का विकल्प चुनने का अवसर प्रदान किया गया।
पिछली सरकारों के मुकाबले योगी सरकार का कार्यकाल स्वास्थ्य सेवाओं के लिए स्वर्णिम युग लेकर आई है। 24 करोड़ की आबादी वाले प्रदेश में साल 2017 से पहले जहां महज 12 मेडिकल कॉलेज थे, वहीं योगी सरकार द्वारा सत्ता की कमान संभालने के बाद यूपी में तेजी से चिकित्सीय सुविधाओं में विस्तार किया गया। प्रदेश सरकार ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज’ के साथ प्रत्येक जनपद को चिकित्सीय सुविधाओं से लैस करने में जुटी है। नौ नए मेडिकल कॉलेज के साथ 16 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। साल 2022-2023 तक 14 नए मेडिकल कॉलेज से यूपी लैस होगा, वहीं 16 पीपीपी मॉडल, दो एम्स, एक बीएचयू, एक एएमयू के अलावा 30 प्राइवेट मेडिकल कॉलेज से प्रदेश की चिकित्सीय सेवाओं को पंख लग रहे हैं।
