– हाईस्कूल में उत्तीर्ण प्रतिशत रहा 95 प्रतिशत, जबकि इंटर में 69 प्रतिशत ने किया पास
लखनऊ (हि.स.)। जेल में रहकर अपने को संतुलित करना बड़ी बात होती है, लेकिन हमारे प्रदेश में होनहारों की कमी नहीं है। यहां जेल में रहने वाले विद्यार्थियों ने भी यूपी बोर्ड की परीक्षा दी और उनका रिजल्ट काफी उत्साहजनक रहा। प्रदेश के जेलों में बंद कैदियों ने भी माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश (यपूी बोर्ड) की परीक्षा में काफी उत्साह दिखाया है। हाईस्कूल की परीक्षा परिणाम में तो उनके उत्तीर्ण होने का प्रतिशत सामान्य विद्यार्थियों की अपेक्षा ज्यादा रहा, जबकि इंटरमीडिएट में बहुत कम का अंतर देखने को मिला।
यूपी बोर्ड के सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने बताया कि हाईस्कूल की परीक्षा में कुल 21 जेलों में परीक्षा करायी गयी थी, जिसमें 79 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया था। उसमें 62 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी और 59 परीक्षार्थी अर्थात 95.16 प्रतिशत उत्तीर्ण हुए। वहीं हाईस्कूल की सामान्य तौर पर आयोजित परीक्षा में कुल 89.78 प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। जेल में निरुद्ध कैदियों में सबसे ज्यादा पंजीकृत विद्यार्थी गाजियाबाद और हरदोई में 12-12 थे। वहीं परीक्षा देने वालों में सर्वाधिक 11 परीक्षार्थी हरदोई के रहे। हरदोई के एक मात्र विद्यार्थी ने परीक्षा छोड़ी। वहीं गाजियाबाद के चार कैदियों ने परीक्षा छोड़ दी। फिरोजाबाद में सात कैदियों ने परीक्षा फार्म भरा था , जिसमें से केवल छह ने परीक्षा दी।
बोर्ड सचिव ने बताया कि इंटरमीडिएट परीक्षा में कुल 90 कैदी पंजीकृत थे, जिसमें से 65 ने परीक्षा दी। वहीं 25 विद्यार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। इसमें से 45 कैदी अर्थात 69.23 प्रतिशत उत्तीर्ण हुए। वहीं इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा में कुल 75.52 फीसद परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। इंटरमीडिएट में सबसे ज्यादा पंजीकृत विद्याार्थी 17 गाजियाबाद में थे, जिसमें से 13 ने परीक्षा दी। वहीं लखनऊ और मुरादाबाद में 11-11 कैदी बतौर परीक्षार्थी पंजीकृत थे। उनमें लखनऊ में आठ ने परीक्षा दी, जबकि मुरादाबाद में पांच कैदियों ने परीक्षा दी।
उपेन्द्र/मोहित
