लखन, 22 फरवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश सरकार ने सदन पेश प्रदेश के बजट एमएसएमई नीति-2022 में रोजगार सृजन के लिए 15 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि प्रस्तावित की गई है। वहीं बजट में ओडीओपी व हस्तशिल्प उत्पादों के विपणन को प्रोत्साहित करने की योजना को प्राथमिकता दी गई है। इसके लिए 200 करोड़ के बजट से प्रदेश में यूनिट मॉल बनाए जाएंगे।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि प्रदेश के त्वरित आर्थिक विकास व रोजगार तथा स्वरोजगार के अवसरों के सृजन में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों की महती भूमिका है। सूक्ष्म लघु एवं मध्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग द्वारा प्रदेश में अधिकाधिक एमएसएमई इकाईयों की स्थापना कराकर प्रदेश में पूंजी निवेश एवं रोजगार सृजन सुनिश्चित किया गया है।
प्रदेश सरकार द्वारा घोषित नवीन एम०एस०एम०ई० नीति-2022 में रोजगार सृजन में 15 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि प्रस्तावित है। इस नीति के अन्तर्गत एम०एस०एम०ई० इकाईयों को प्रथम बार 4 करोड़ रुपये तक पूंजी उपादान उपलब्ध कराये जाने की व्यवस्था की गयी है।
उक्त नीति के अन्तर्गत उद्यमियों को अधिक से अधिक लाभान्वित कराया जायेगा जिससे प्रदेश में पूंजी निवेश के साथ ही अधिकाधिक रोजगार सृजन हो सकेगा।
प्रदेश में ‘एक जिला-एक उत्पाद’ (ओडीओपी) एवं हस्तशिल्प उत्पादों के विपणन को प्रोत्साहित करने हेतु यूनिटी मॉल की स्थापना के लिये वित्तीय वर्ष 2023-2024 के बजट में 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
मोहित वर्मा
