गांव की सरकार बनाने के लिये एक-एक पद के लिए आधा दर्जन-दर्जन भर प्रत्याशियों ने अपनी दावेदारी ठोक रखी है। कही-कही तो प्रधान पद के लिए एक दर्जन से भी अधिक प्रत्याशी है। यही वजह है कि प्रत्याशी दिन-रात मतदाताओं की ड्योढ़ी से लेकर खेत खलिहानों तक जाकर मतदाताओं को रिझाने में लगे है।
होली के बाद इन दिनों में जहां ग्रामीण अधिकतर गेंहू की कटाई कर गेंहू सुरक्षित घर तक पहुचाने के लिये दिन रात खेत खलिहानों में लगे रहते थे।और गांव की गलियों में सन्नाटा पसरा रहता था। इस बार गांव की सरकार बनाने के लिये हो रहे चुनाव में जिला पंचायत सदस्य, प्रधान क्षेत्र पंचायत सदस्य व ग्राम पंचायत सदस्य पदों के लिये दावेदार भोर पहर से लेकर कड़ी दोपहरी और आधी रात तक अपने समर्थकों के साथ गांव की गलियों से लेकर खेत खलिहानों में पहुचकर मतदाताओं को रिझाने के लिये हर हथकंडे अपना रहे है।
विकास खण्ड मोहनलालगंज की एक पंचायत में एक मतदाता की दुर्घटना में हड्ड़ी टूट गई तो एक प्रत्याशी ने जख्मी को मोहनलालगंज कस्बे के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराकर सेवा शुरू कर दी वही दूसरे प्रत्याशी को पता चला तो उसने रातो रात गलत इलाज का हवाला देकर दूसरे निजी अस्पताल ले जाकर उसका इलाज कराकर घर पहुचा दिया।आराम मिलने पर मतदाता भी उसी के गुन गाना शुरू कर दिया।
उधर एक प्रधान प्रत्याशी शाम होते ही खेत खलिहानों में पहुंचकर किसानों की गेंहूं कटाई करने वाले मजदूरों की दारू पार्टी करते नजर आ रहे है।यही नही एक जिलापंचायत सदस्य के प्रत्याशी ने अपने ट्रैक्टर को अपने क्षेत्र में किसानों की गेंहू की फसल कटाई करने के लिये निःशुल्क चला रखा है।
