मां को जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जिताने के लिए एक एमबीए पास तो दूसरी बीटेक की पढ़ाई कर रही बेटी गर्मी की परवाह किए बिना प्रचार में जुटी हैं। इस दौरान दोनों बेटियां ग्रामीणों को कोरोना संक्रमण से बचने के लिए मास्क बांट रहीं हैं। साथ ही कोरोना से बचने के उपाय भी बताकर जागरूक कर रही हैं। वहीं परास्नातक की पढ़ाई पूरी कर एलएलबी कर रहा एक छात्र भी चुनावी मैदान में आकर प्रत्येक गांव के वाट्सएप ग्रुप बनाने के साथ फेसबुक के माध्यम से प्रचार करते देखा जा रहा है।
जिला पंचायत सदस्य के पद का चुनाव लड़ रही मां को जीत दिलाने के लिये बड़ी बेटी अंशिका वर्मा जोकि इसी साल बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय से एमबीए की परीक्षा उत्तीर्ण की है और बीटेक की पढ़ाई कर रही छोटी बेटी आस्था वर्मा भी सुबह से मां के साथ चुनावी समर में कूद पड़ती है। गांवों में कोरोना के बारे में ग्रामीणों को जागरूक करती हैं।
सोशल मीडिया का भरपूर प्रयोग कर रहा एलएलबी का छात्र
एलएलबी का एक छात्र निगोहां इलाके के वार्ड सं. एक से जिला पंचायत सदस्य के लिये चुनाव मैदान में है। वह सुबह से प्रचार के लिए गांव-गांव निकल जाते हैं। इसी बीच समय निकालकर सोशल मीडिया पर अपने प्रचार की फोटो पोस्ट करके लोगों से वोट की अपील करते रहते हैं।
पढ़ा लिखा युवा जनप्रतिनिधि बना तो कुछ करेगा
ग्रामीण बताते है कि पढ़े लिखे युवा जिस अंदाज में कुछ ही दिनों में आकर महिलाओं और पुरुषों से हिल मिल गए इससे लगता है कि आने वाले समय में जनप्रतिनिधि बने तो इलाके को विकास की नई दिशा देंगे।
दादी, चाची व दीदी के सम्बोधन से ग्रामीण रिझा रहीं बेटियां
जिला पंचायत सदस्य पद की भावी उम्मीदवार की दोनों बेटियां भले ही शहर में पली-बढ़ी हों, लेकिन गांव की गलियों में निकलती हैं तो घर के बाहर बैठी महिलाओं से उम्र के हिसाब से किसी को दादी तो किसी को दीदी, चाची के सम्बोधन से पुकारकर वोट देने की अपील करती हैं। कभी-कभी तो ये दोनों बेटियां ग्रामीणों के घरों में बिना किसी हिचक के अंदर जाकर वोट देने की अपील करती हैं। इस दौरान दोनों को प्यार दुलार पाते भी देखा जा सकता है।
