यूपी में बूथ स्तर तक संगठन निर्माण आप का लक्ष्य
झांसी(हि. स.)। पार्टी के पूर्व पदाधिकारी निजी अहम को त्याग कर संगठन को सर्वोपरि समझें, तभी पार्टी मजबूत होगी। इस बार यूपी के निकाय चुनाव में बड़ी जीत से आप का करिश्मा दिखाई देगा। यह बात महानगर में एक बैठक को संबोधित करते हुए आम आदमी पार्टी निगरानी समिति के बुंदेलखंड प्रभारी पुष्पेन्द्र श्रीवास्तव ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि एक ओर प्रभारी सांसद संजय सिंह यूपी की जनता के हक के लिए योगी सरकार से लड़ रहे हैं, बदले में उन पर अब तक सरकार 23 मुकदमें दर्ज कर चुकी है। दूसरी ओर आप सब निजी अहम के लिए आपस में लड़कर उनकी मेहनत पर पानी फेर रहे हैं। आपसी मतभेद भुलाकर झांसी महानगर में संगठन निर्माण के कार्य में तेजी लाएं। मजबूत संगठन निर्माण के लिए आपसी सामंजस्य बेहद जरूरी है।
महानगर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पुष्पेंद्र श्रीवास्तव ने कहा आम आदमी पार्टी यूपी के आगामी नगर निकाय के चुनावों में दमदार प्रदर्शन कर बड़ी जीत दर्ज करने का करिश्मा करेगी। इसी रणनीति के तहत बूथ स्तर तक मजबूत संगठन तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल के कार्यों और पार्टी की नीतियों में आस्था जताते हुए बड़ी संख्या में प्रबुद्ध लोग शामिल हुए।
इस मौके पर रिटायर्ड डिप्टी एसपी बैजनाथ, केंद्रीय विद्यालय की रिटायर्ड प्रधानाचार्या श्रीमती लक्ष्मी राममूर्ति अय्यर, जूनियर हाई स्कूल के प्रधानाचार्य अनिकेत शाक्या सहित कई प्रोफेशनल व बुद्धिजीवी वर्ग के लोगों ने सदस्यता ली। बड़ी संख्या महिला सदस्यों की भी रही जिसमें प्राइमरी स्कूल की प्रधानाचार्या श्रीमती मंजू मसीह, श्रीमती मंजू टाइटस व बबीना विधानसभा के पुनवली क्षेत्र से स्वयं सहायता समूह की संचालिका श्रीमती काजल आदि मुख्य रही।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में युवा वर्ग ने भी सदस्यता ली, जिसमें वकालत की पढ़ाई कर रहे अली खान, आकाश झा, मोनिका माहौर , देवेंद्र यादव, सुरेंद्र यादव, जगदीश यादव, विजय कुमार आदि मुख्य रहे। कार्यक्रम संयोजक तथा जिला संगठन निर्माण सह-प्रभारी अरशद खान ने स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुए बताया कि आज जो नए लोग पार्टी की सदस्यता लेंगे और वार्डो की समितियां तैयार करने की ज़िम्मेदारी लेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही पूर्व प्रदेश सचिव श्रीमती अर्चना गुप्ता ने पार्टी के शुरुआती दौर के संघर्षों से वर्तमान समय तक के संस्मरण साझा करते हुए नई ऊर्जा से काम करने का आह्वान किया।
महेश
