लखनऊ । उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव में अब कुछ ही माह शेष हैं। इसके बाद यूपी में गठबंधन की जोर आजमाइश भी शुरू हो गई है। गुरुवार को अपना दल (सोनेलाल) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और मिर्जापुर से सांसद अनुप्रिया पटेल ने दिल्ली में गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की, वहीं शुक्रवार को उनकी छोटी बहन पल्लवी पटेल ने लखनऊ में पूर्व सीएम अखिलेश यादव से मुलाकात की। माना जा रहा है कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में पल्लवी पटेल सपा के साथ मिलकर चुनाव में उतर सकती हैं।
दरअसल, बीजेपी को मात देने के लिए अखिलेश की सपा छोटी-छोटी पार्टियों के साथ मिलकर एक मजबूत गठबंधन बनाने में जुटी है।उनकी नजर अनुप्रिया पटेल के अपना दल (एस) पर भी है, लेकिन अनुप्रिया के सपा के साथ जाने की फिलहाल कोई गुंजाइश नहीं दिख रही है। हाल में ही अनुप्रिया पटेल ने अमित शाह से मुलाकात की और ऐसा माना जा रहा है कि जल्द ही उनकी पार्टी से दो लोगों को यूपी कैबिनेट में मंत्री बनाया जा सकता है। हालांकि, उनकी छोटी बहन और अपना दल (कृष्णा) गुट की नेता पल्लवी पटेल अखिलेश के साथ आ सकती हैं।2017 के विधानसभा चुनाव में भी पल्लवी पटेल की पार्टी ने सपा-कांग्रेस के गठबंधन के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। हालांकि, उनकी पार्टी एक भी सीट नहीं जीत सकी थी। इसकारण माना जा रहा है कि इस बार भी पल्लवी पटेल की पार्टी अखिलेश के साथ जा सकती है।
अनुप्रिया और पल्लवी पटेल दोनों सगी बहनें हैं। उनके पिता सोनेलाल यूपी के बड़े नेता थे और मायावती के करीबी माने जाते थे। उन्होंने ही अपना दल की स्थापना की थी। 2009 में सोनेलाल के निधन के बाद उनकी पत्नी कृष्णा पटेल ने पार्टी की कमान संभाली।2014 में मिर्जापुर से लोकसभा चुनाव जीतने के बाद अनुप्रिया पटेल ने बगावत कर दी।जिसके बाद अनुप्रिया पटेल और उनके पति आशीष सिंह को पार्टी से निकाल दिया गया था। इसके बाद दिसंबर 2016 में अनुप्रिया पटेल ने एक नई पार्टी अपना दल (सोनेलाल) बनाई। दूसरा गुट कृष्णा पटेल का है, जिसकी कमान कृष्णा पटेल और उनकी बेटी पल्लवी पटेल के पास है।
यूपी के बड़े नेता रहे सोनेलाल की बड़ी बेटी भाजपा के साथ, छोटी सपा से संपर्क में
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