लखनऊ । यूपी एटीएस ने लखनऊ सहित कई शहरों आतंकी साजिश को नाकाम करते हुए रविवार को दो संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। अलकायदा समर्थित अंजार गजवा तुल हिंद से जुड़े आतंकी लखनऊ के काकोरी से पकड़े गए हैं। पकड़े गए आतंकियों के इस मॉड्यूल से जुड़ी कई नई बातें सामने आ रही हैं। यूपी एटीएस के सूत्र बताते हैं कि ‘डू इट योरस्लफ मॉड्यूल पर दोनों आतंकी काम कर रहे थे। दोनों संदिग्धों से पूछताछ में खुलासा किया कि इंटरनेट के जरिए अलकायदा आतंकियों के संपर्क में आया था। उन्हीं के कहने पर बम बनाया। ये बम बनाने में सफल हो गए थे, बस अब टारगेट चुनने की प्रक्रिया चल रही थी। बताया जा रहा है कि अलकायदा के ये दोनों संदिग्ध डीआईवॉय मॉड्यूल यानी ‘डू इट योरस्लफ पर काम कर रहे थे। इसके लिए इन्होंने अपने पैसों से खरीदकर बम बनाया था, इनकी कोशिश थी कि ई-रिक्शा में इस्तेमाल होने वाली बैटरी से बम बनाया जाए। उधर, सुरक्षा एजेंसियों ने बड़े खतरे को टाल दिया। क्योंकि अगर दोनों संदिग्ध तैयार हुए कुकर बम को किसी भीड़ वाले इलाके में रख देते तब बड़ी घटना हो सकती थी.
जानकारी के मुताबिक, अलकायदा के इन दोनों संदिग्ध आतंकियों से पूछताछ में पता चला है कि ये सिर्फ 3 हजार रुपये में प्रेशर कुकर बम तैयार कर रहे थे।जिस नसीरुद्दीन उर्फ मुशीर को पकड़ा गया है, वह रिक्शे की बैटरी से बम बनाने में जुटा था। मासिरुद्दीन और मिनहाज को यूपी एटीएस सोमवार को कोर्ट में पेश कर कस्टडी रिमांड मांगेगी। गौरतलब है कि रविवार को एटीएस ने लखनऊ समेत प्रदेश के कई शहरों की दहलाने की साजिश को नाकाम करते हुए दोनों को गिरफ्तार किया। इनके पास से दो प्रेशर कुकर बम और अन्य विस्फोटक बरामद हुए हैं। एडीजी लॉ एंड आर्डर प्रशांत कुमार ने बताया कि पकड़े गए दोनों आतंकी 15 अगस्त को बड़ी वारदात को अंजाम देने वाले थे।
यूपी एटीएस की पूछताछ में अहम खुलासा, दोनों संदिग्ध डीआईवॉय मॉड्यूल पर काम कर रहे थे
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