कानपुर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) की सीनियर अण्डर-25 की टीम में धांधली आम बात रही है अब तो उसमें छेद भी दिखायी देने लगे है। आरोप है कि यूपीसीए की चयन समिति के सदस्य किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति के दबाव में आ जाते हैं। साथ ही पैसों के लिए किसी भी खिलाडी का चयन बिना उसकी प्रतिभा के कर देते हैं।
इस बार तो पहले चयन समिति ने नगर का एक भी खिलाडी टीम के लिए काबिल नहीं समझा और जब प्रभावशाली ढंग से दबाव पड़ा तो उन्होंने बोर्ड ट्राफी मैच के लिए बिना लाग लपेट के ही ऐसे खिलाडी को टीम में शामिल करा दिया जिसको बोर्ड ट्राफी के एक भी मैच खेलने का अनुभव ही नहीं है। यही नहीं वह कभी भी अण्डर-16 व 19 टीम के साथ स्टैण्ड बाई में नहीं रहा। इस बार की कर्नल सीके नायडू टीम के लिए प्रदेश भर के लगभग 122 क्रिकेटरों ने मानो फाइनल टेस्ट पास कर अभ्यास मैचों के लिए उपयोगिता हासिल की थी लेकिन उसमें भी नगर के प्रतिनिधित्व को चयनकर्ताओं ने नकार कर टीम में एक भी खिलाडी को स्थान नहीं दिया था। अब चूंकि यूपीसीए की ओर से भेजी गयी टीम का विकेटकीपर बीमार हो गया या फिर बीमार कर दिया गया ये एक सवाल है जिसका जवाब खिलाडी ही ज्यादा दे सकता है। अब यूपीसीए ने नगर के सत्य प्रकाश यादव को टीम में शामिल कर दिया है जिसने अपने जीवन में जूनियर व सीनियर स्तर में किसी भी बोर्ड ट्राफी एक भी मैच नहीं खेला है। उसमे चयनकर्ताओं ने प्रतिभा क्या देखी ये यक्ष प्रश्न है। इस बारे में चयन समिति के सदस्य से बात की गयी तो उन्होंने बताया कि एक रिजर्व विकेट कीपर के स्थान पर सत्य प्रकाश को भेजा गया है।
