प्रादेशिक डेस्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) का पेपर लीक किए जाने के मामले में एसटीएफ ने मंगलवार को प्रिटिंग प्रेस के डायरेक्टर राय अनूप प्रसाद को नोएडा से गिरफ्तार कर लिया। दिल्ली के रहने वाले राय अनूप प्रसाद को पूछताछ के लिए नोएडा बुलाया गया था। भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर गिरफ्तार कर लिया गया। इस बीच मंगलवार को ही बस्ती जिले से एक सहायक अध्यापक समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया। इस तरह मामले में अब तक 37 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
एसटीएफ को जांच के दौरान पता चला कि यूपीटीईटी 2021 के पेपर की छपाई का काम सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी प्रयागराज द्वारा 26 अक्तूबर 2021 को आरएसएम फिनसर्व लिमिटेड को दिया गया था। यह प्रिंटिंग प्रेस बी-2/68, मोहन कोआपरेटिव एरिया फेज-2, बदरपुर नई दिल्ली में है। पेपर लीक होने का मामला सामने आने पर इसके डायरेक्टर राय अनूप प्रसाद को पूछताछ के लिए सोमवार को एसटीएफ के नोएडा कार्यालय में बुलाया गया था।
राय अनूप प्रसाद ने स्वीकार किया कि पेपर (प्रश्नपत्र) की छपाई के दौरान गोपनीयता एवं सुरक्षा मानकों की अनदेखी हुई, जिससे परीक्षा से पहले ही पेपर लीक हो गया और सरकार को परीक्षा निरस्त करनी पड़ी। इस तरह लीक मामले में प्रथमदृष्ट्या संलिप्तता पाए जाने पर राय अनूप प्रसाद को हिरासत में ले लिया गया। इसके बाद मंगलवार को गौतमबुद्धनगर के सूरजपुर थाने में राय अनूप प्रसाद पुत्र राय परमेश्वरी प्रसाद एवं चार अन्य के विरुद्ध आईपीसी की धारा 420, 409 व 120 बी के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया। राय अनूप प्रसाद को इसी मुकदमे में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। शेष अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए भी टीमें सक्रिय हैं।
