Sunday, March 15, 2026
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यूपीएमआरसीएल के प्रयासों से लखनऊ मेट्रो में तेजी से बढ़ रही यात्रियों की संख्या

लखनऊ (हि.स.)। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीएमआरसीएल) के प्रयासों से लखनऊ मेट्रो में अन्य मेट्रो की अपेक्षा यात्रियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। अब तक कोविड-19 के पूर्व की तुलना में करीब 50 प्रतिशत यात्री लखनऊ मेट्रो से दोबारा जुड़ चुके हैं। फिलहाल अभी 50 प्रतिशत यात्रियों को लखनऊ मेट्रो से जोड़ने की चुनौती बरकरार है।
यूपीएमआरसीएल के प्रबंध निदेशक कुमार केशव ने बुधवार को बताया कि लखनऊ मेट्रो शहरी यातायात की रीढ़ है। लखनऊ में मेट्रो ट्रेन सेवा परिवहन के सबसे बेहतर विकल्प के रूप में उभरी है। लखनऊ मेट्रो ने कोविड-19 के बाद सबसे तेज राइडरशिप रिकवरी की है। यूपीएमआरसीएल ने कोविड से यात्रियों की सुरक्षा के लिए सेनिटाइजेशन और शारीरिक दूरी सुनिश्चित करने के साथ जागरूकता अभियान चलाने सहित तमाम प्रयास किए हैं। इन प्रयासों को परिस्थिति सामान्य हो जाने के बाद भी जारी रखा जाएगा।
उन्होंने बताया कि तमाम प्रयासों और जनता के विश्वास का ही नतीजा है कि लखनऊ मेट्रो ने अन्य मेट्रो के मुकाबले सबसे तेज राइडरशिप रिकवरी हासिल की है। यह राइडरशिप रिकवरी कोविड-19 के पूर्व की तुलना में करीब 50 प्रतिशत है। मेट्रो ट्रेन से यात्रा करना अन्य परिवहन के साधनों की तुलना में सबसे सुरक्षित है। इसीलिए कोविड-19 के बाद फिर से शुरू हुई लखनऊ मेट्रो में अब यात्रियों की संख्या धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ने लगी है। लखनऊ मेट्रो से उसके लगभग 50 प्रतिशत यात्री दोबारा जुड़ गए हैं। अब मेट्रो को लखनऊ विश्वविद्यालय (लविवि), कॉलेज, कोचिंग सेंटर और अन्य संस्थानों के खुलने का इंतजार है। जिसके बाद मेट्रो को अपना पूरा ट्रैफिक वापस मिल सकेगा। 
दरअसल, लखनऊ मेट्रो में गत वर्ष मार्च में कोरोना से पहले प्रतिदिन औसतन 72 हजार यात्री चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट से मुंंशी पुलिया तक सफर करते थे। कोरोना की वजह से लॉक डाउन के बाद लखनऊ मेट्रो बंद हो गई थी। इसे सात सिम्तबर 2020 को लॉक डाउन हटने के बाद फिर से शुरू किया गया है।

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