– रूसी राजदूत ने कहा, सैनिक बैरकों में वापस जाएंगे
कीव(हि.स.)। यूक्रेन-रूस विवाद में तनाव भले कम हो गया हो, लेकिन शक अभी भी बरकरार है। रूस द्वारा यूक्रेन सीमा से सैनिकों की वापसी की घोषणा और वीडियो जारी करने के बाद भी हमले की आशंका कम नहीं हो रही है।
अमेरिका, नाटो और यूक्रेन ने सैनिकों के हटने को लेकर कहा है कि उसे कोई सुबूत नहीं मिले हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से तनाव की स्थिति खत्म करने की अपील की है। बाइडन ने अपील में कहा कि युद्ध होने में निर्दोष लोगों की जान जाएगी और बर्बादी होगी। वहीं आयरलैंड में रूसी राजदूत यूरी फिलतोव ने एक न्यूज एजेंसी को दिए साक्षात्कार में तीन से चार हफ्ते में रूसी सैनिकों की बैरकों में वापसी की बात कही है।
यूक्रेन को नाटो में नहीं शामिल करने को लेकर रूस ने सैन्य तैनाती कर दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन उसका यह दांव काम नहीं आया। यूक्रेन के साथ अमेरिका समेत सभी पश्चिमी देश मजबूती के साथ खड़े हैं। इसके बाद सुरक्षा प्रस्ताव पर कोई आश्वासन मिले बगैर रूस को अपने सैनिक वापस करने का फैसला करना पड़ा है। तनाव कम करने की दिशा में रूस ने सैनिकों की वापसी के वीडियो भी जारी किए हैं, लेकिन यूक्रेन और पश्चिमी देशों को रूस पर विश्वास नहीं हो रहा। अमेरिका ने रूस की घोषणा पर शक जताते हुए सवाल उठाए हैं। राष्ट्रपति बाइडन ने कहा है कि रूस की घोषणा के कई घंटे बाद भी संवेदनशील स्थानों पर रूसी सैन्य तैनाती जस की तस है। बाइडन ने कहा है कि अगर रूस हमारे या हमारे सहयोगियों के हितों वाले ठिकानों पर साइबर अटैक करता है तो हम उसका जवाब देने के लिए तैयार हैं।
इस बीच अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव से फोन पर बात कर घोषणा के अनुरूप प्रभावी सैन्य वापसी सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने भी कहा है कि सीमा पर रूसी तैनाती में कमी होती नजर नहीं आई है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक नाटो प्रमुख जेन्स स्टोल्टेनबर्ग ने कहा है कि यूक्रेन के आसपास रूस अभी भी सैन्य तैनाती रखे हुए है। नाटो के महासचिव जेन्स स्टोल्टेनबर्ग ने बुधवार को रूस से यह साबित करने को कहा कि क्या वह वाकई यूक्रेन की सीमाओं पर सैन्य निर्माण और तनाव के बीच अपनी सैनिकों को वापस बुला रहा है।
अजीत तिवारी
