लॉस एंजेल्स(हि.स.)। यूक्रेन और रूस के शरणार्थियों का इन दिनों तिजुआना स्थित अमेरिका-मेक्सिको बॉर्डर पर जमावड़ा शुरू हो गया है।
रूस के युवा शरणार्थी इसलिए अमेरिका में शरण लेना चाहते हैं कि वे पुतिन प्रशासन के ख़िलाफ़ प्रदर्शन में भाग लेने के बाद जान बचाकर भागे हैं, तो यूक्रेन के शरणार्थी रूसी सेना के अत्याचार और बमबारी से जान बचाते हुए एक बेहतर जीवन जीने के लिए शरण मांगने आए हैं। अमेरिका पिछले कुछ दिनों से यूक्रेन के शरणार्थियों को शरण दे रहा है, लेकिन रूस के शरणार्थी तिजुआना बॉर्डर पर ठंडी में रातें गुज़ारने को विवश हैं।
रूस के ऐसे 6400 नागरिक हैं जो पिछले पांच महीनों से अमेरिका में शरण के लिए पुरज़ोर कोशिश में हैं।
तिजुआना बॉर्डर कोविड संक्रमण के कारण आम शरणार्थियों के लिए बंद है।
अमेरिका के होमलैंड सिक्योरिटी सचिव एलेक्जेंडरो मयोरकस ने मीडिया से कहा है कि अमेरिका मानवीय आधार पर अपेक्षित सहयोग कर रहा है।
रूसी परेशान हैं कि यूक्रेन के लोगों को अमेरिका में प्रवेश दिया जा रहा है, जबकि उनपर ढेरों बंदिशें लगाई जा रही हैं।
ललित बंसल
