– नवेली थर्मल पावर प्लांट की चौखट पर पहुंचा बाढ़ का पानी
– तटवर्ती दर्जनों गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने से मचा हड़कंप
हमीरपुर (हि.स.)। चंबल नदी (धौलपुर गेज स्टेशन) खतरे के निशान से 13.91 मीटर ऊपर बहने से जनपद में गुरुवार सुबह यमुना नदी उफना गई है। यमुना नदी के लाल निशान पार कर जाने से तटवर्ती तमाम गांवों में लोग सकते में आ गए हैं। वहीं बेतवा नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ने से बाढ़ का खतरा मंडरा गया है।
केन्द्रीय जलायोग के सहायक अभियंता सरजीत वर्मा ने गुरुवार को बताया कि चंबल नदीं से लगातार पानी का डिस्चार्ज हो रहा है। यह नदी खतरे के निशान से 13.91 मीटर ऊपर बह रही है। इससे हमीरपुर में यमुना नदी खतरे के निशान से अब पचास सेमी ऊपर बह रही है। मौदहा बांध निर्माण खंड के अधिशाषी अभियंता टीपी गंगवार ने बताया कि यमुना के साथ बेतवा नदी का भी जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।
यमुना नदी के उफनाने से नवेली थर्म पावर प्लांट तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। जिससे प्लांट के आसपास के गांवों के लोगों में हड़कंप मच गया है। नदी किनारे हमीरपुर शहर से जुड़े मेरापुर, भिलांवा, जरैली मड़ईयां, केसरिया का डेरा, भोला का डेरा, रमेड़ी डांडा, डिग्गी, ब्रम्हा का डेरा, सिडऱा, पारा ओझी, कारीमाटी एवं टिकरौली सहित अन्य गांव बाढ़ से प्रभावित हो सकते है।
इन गांवों के लोगों को एलर्ट कर दिया गया है। इस समय यमुना नदी का जलस्तर 103.680 मीटर तथा बेतवा नदी का जलस्तर 102.950 मीटर पार हो गया है। बता दे कि यमुना नदी का खतरे के निशान 103.632 मीटर है वही बेतवा नदी का खतरे का निशान 104.546 मीटर है।
यमुना समेत आठ नदियों की बाढ़ की जद में है 187 गांव
यमुना और बेतवा समेत आठ स्थानीय नदियों की बाढ़ से 187 गांवों के 3,36,299 वाशिन्दे प्रभावित होते हैं। इन गांवों को बाढ़ से बचाने के लिये अभी तक कोई भी प्रभावी कदम नहीं उठाये गये है। सर्वाधिक 84 गांव हमीरपुर तहसील क्षेत्र में है जहां नदियों के उफनाने से अफरातफरी मचती है। हालांकि प्रशासन बाढ़ से निपटने के लिये फौैरी तौर पर तैयारी कर चुका है।
हमीरपुर तहसील क्षेत्र में बेतवा नदी की बाढ़ से 59 गांव प्रभावित होते है। वहीं मौदहा क्षेत्र में 03, सरीला क्षेत्र में 24 गांव बाढ़ के खतरे के मुहाने है। अकेले बेतवा नदी की बाढ़ से ही कुल 86 गांवों के 1,52,810 लोग प्रभावित होते है। यमुना नदी से हमीरपुर तहसील क्षेत्र में 20 गांव बाढ़ की जद में है वहीं चन्द्रावल नदी से हमीरपुर तहसील क्षेत्र में 05, मौदहा क्षेत्र में 18 गांव प्रभावित होते है। इसी तरह से केन नदी के उफनाने से मौदहा तहसील क्षेत्र में 06 गांव बाढ़ के मुहाने है।
जिले में बहने वाली धसान नदी भी बाढ़ के समय राठ क्षेत्र के 11 व सरीला क्षेत्र के एक गांव को प्रभावित करती है। जबकि विरमा नदी की बाढ़ से मौदहा तहसील क्षेत्र के 09, राठ क्षेत्र के 09 व सरीला क्षेत्र में 09 गांव प्रभावित होते हैं।
श्याम नदी भी बाढ़ के दौरान उफनाती है तो मौदहा क्षेत्र के 07 गांवों को गिरफ्त में ले लेती है। वहीं सीहो नाला के उफनाने मौदहा तहसील क्षेत्र के छह गांव प्रभावित होते हैं।
