Monday, March 23, 2026
Homeउत्तर प्रदेशयमुना खतरे के निशान से पानी ढाई मीटर ऊपर, कानपुर जाने वाला...

यमुना खतरे के निशान से पानी ढाई मीटर ऊपर, कानपुर जाने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग बंद

– बाढ़ ग्रस्त इलाकों का जल शक्ति राज्य मंत्री रामकेश निषाद स्टीमर से ले रहे जायजा

बांदा(हि.स.)। जनपद में यमुना नदी में निरंतर जलस्तर बढ़ने से बाढ़ ने विकराल रूप धारण कर लिया है। बाढ़ की चपेट में लगभग 30 गांव आ गए हैं। अब बाढ़ का पानी बांदा चिल्ला कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहुंच गया है जिससे इस मार्ग को बंद कर दिया गया है।

मार्ग बंद हो जाने से यहां से गुजरने वाले वाहनों को 30 से 35 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाकर हमीरपुर और तिंदवारी होकर कानपुर जाना पड़ रहा है। बाढ़ के कारण लगभग 150 हेक्टेयर फसल जगमग जलमग्न हो गई है। बाढ़ प्रभावित गांव का प्रदेश के जल शक्ति राज्य मंत्री रामकेश निषाद स्टीमर के जरिए भ्रमण कर रहे हैं। साथ ही प्रशासनिक अमला भी राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है।

जनपद के चिल्ला कस्बा से होकर गुजरी यमुना नदी का जलस्तर कई दिनों से निरंतर बढ़ रहा है। जिससे धीरे धीरे बाढ़ का पानी गांव में घुसने लगा। इधर, गुरुवार को जलस्तर खतरे को पार कर गया और अब जलस्तर खतरे के निशान से लगभग ढाई मीटर ऊपर बह रहा है। जिससे बाढ़ की स्थिति विकराल होती जा रही है। 30 गांव बाढ़ की चपेट में हैं, जिनका जिला मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह कट गया है।

उधर, बाढ़ के कारण किसानों की लगभग 150 हेक्टेयर की फसल जलमग्न हो गई है। इस बीच फतेहपुर के ललौली और चिल्ला क्षेत्र में सड़कों पर पानी आ जाने से बांदा चिल्ला कानपुर स्टेट हाईवे को बंद करके पुलिस को तैनात कर दिया गया है। जिससे वाहनों को आगे जाने नहीं दिया जा रहा है।

केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक चिल्ला में बह रही यमुना नदी का खतरे का निशान 100 मीटर है। जिसे पार करके इस समय 102.28 मीटर पर जलस्तर पहुंच गया है और अभी भी निरंतर जलस्तर बढ़ रहा है। वही पिछले 2 दिनों से केन नदी का जलस्तर घट रहा था लेकिन शुक्रवार की रात से जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। यहां जलस्तर 102.35 मीटर पर पहुंच गया है। केन का खतरे का निशान 104 मीटर है। यमुना नदी की बाढ़ से प्रभावित गांवों का जिलाधिकारी, एसडीएम और पुलिस अधिकारियों के द्वारा भ्रमण किया जा रहा है। साथ ही बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। गांव में फंसे बाढ़ प्रभावितों को नाव के सहारे आवागमन करना पड़ रहा है।

इस बारे में जिला अधिकारी ने बताया कि बाढ़ प्रभावित गांव में अलर्ट जारी किया गया है। ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने की सलाह दी गई है और चिल्ला स्थित केन नदी पर बने पुल पर पुलिस का पहरा लगा दिया गया है, किसी को भी आने जाने नहीं दिया जा रहा है।

अनिल

RELATED ARTICLES

Most Popular