Tuesday, April 7, 2026
Homeराज्यमोरबी ब्रिज हादसा: एसआईटी रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे

मोरबी ब्रिज हादसा: एसआईटी रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे

-49 तारों में से 22 पहले से थे क्षतिग्रस्त, 27 बाद में टूटे

अहमदाबाद (हि.स.)। मोरबी झूलता पुल हादसे की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) की रिपोर्ट आ गई है। इसमें कई चौंकाने वाले खुलासे किए गए हैं। 5 सदस्यीय टीम की रिपोर्ट में कई गंभीर लापरवाही की निशानदेही की गई है। 30 अक्टूबर, 2022 को हुए हादसे में 135 लोगों की मौत हो गई थी।

एसआईटी रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि झूलते पुल के 49 तारों में से 22 तार जंग लगने से पहले क्षतिग्रस्त थे। दुर्घटना के पहले से ही वे टूटी हुई हालात में थे। बाकी के 27 तार दुर्घटना के समय टूटे थे।

झूलता पुल हादसे के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी घटनास्थल का मुआयना करने पहुंचे थे। इसके तुरंत बाद राज्य सरकार ने एसआईटी की बनाकर 5 सदस्यों को इसकी जांच की जिम्मेदारी सौंपी थी। मामले में पुल की देखरेख कर रही ओरोवा कंपनी के प्रबंध निदेशक जयेश पटेल को भी बाद में प्राथमिकी में 10वें नंबर का आरोपी बनाया गया था।

एसआईटी की रिपोर्ट में बताया गया है कि झूलता पुल जिसके सहारे लटका था, उसके आधे से अधिक तार पहले से जंग खाए और कमजोर थे। इसके बाद पुल की एल्युमिनियम फ्लोरिंग की गई। इससे झूलता पुल का वजन बढ़ता गया और आधार पर वजन ज्यादा पड़ने लगा।

यह दिसंबर 2022 में एसआईटी की ओर से पेश रिपोर्ट का हिस्सा है। इस रिपोर्ट को हाल ही में राज्य के शहरी विकास विभाग ने मोरबी नगर पालिका को सौंपा है। रिपोर्ट के अनुसार नदी के ऊपर मुख्य केबल टूट गया था, इसके कारण दुर्घटना हुई। दुर्घटना के वक्त पुल पर करीब 300 लोग मौजूद थे।

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि 1887 में तत्कालीन राजा ने मच्छु नदी पर इस झूलते पुल का निर्माण कराया था। अजंता मैन्यूफैक्चरिंग लिमिटेड (ओरेवा ग्रुप) को इस पुल की देखरेख व संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। एसआईटी जांच में पुल की देखरेख और संचालन में कई खामियां पाई गई है। पुल के मुख्य केबल में से एक में जंग लगा था। वहीं अधिकांश तार दुर्घटना से पहले ही टूटे हुए थे।

बिनोद पांडेय

RELATED ARTICLES

Most Popular