Saturday, February 14, 2026
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 मैक्स अस्पताल वैशाली ने शुरू की रोबोटिक थोरेसिक सर्जरी ओपीडी

झांसी(हि. स.)। उत्तर भारत के मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल वैशाली (गाजियाबाद) ने आज यहां थोरेसिक सर्जरी की ओपीडी सेवा शुरू की है। ये ओपीडी स्थानीय मैक्स केयर स्पर्श अस्पताल के साथ मिलकर शुरू की गई है, जो झांसी-कानपुर रोड पर शिवाजी नगर में स्थित है। मैक्स हॉस्पिटल वैशाली में थोरेसिक एंड रोबोटिक थोरेसिक सर्जरी के डायरेक्टर डॉ. प्रमोज जिंदल की नेतृत्व में ये ओपीडी सेवा शुरू की। डॉ. प्रमोज जिंदल हर महीने के दूसरे गुरुवार को यहां आकर मरीजों को देखेंगे।

ओपीडी लॉन्च के मौके पर डॉ.प्रमोज जिंदल ने कहा कि फेफड़ों और चेस्ट के लिए मिनिमली इनवेसिव रोबोटिक थोरेसिक सर्जरी में द विंची रोबोटिक सिस्टम का उपयोग किया जाता है। इसकी मदद से सर्जन अपने हाथों से बहुत ही सटीक तरीके से मरीजों की पसलियों के बीच छोटे चीरों के जरिए लघु उपकरण डाले जाते हैं। इसकी मदद से मरीज की चेस्ट में जटिल प्रक्रियाएं करने में भी मदद मिलती है जबकि पहले ये काम एक बड़ा चीरा लगाकर और पसलियों को फैलाकर किया जाता था। यह तकनीक वीडियो-असिस्टेड थोरेसिक सर्जरी (VATS) जैसी पिछली तकनीकों की तुलना में एक अहम विकास है जिसमें बहुत ही क्लियर और एडवांस विज़ुअलाइज़ेशन देती है। इस अभूतपूर्व तकनीक के साथ मरीजों को नई उम्मीद मिलती है, जिससे अगर समय पर इलाज किया जाए तो मरीज की जिंदगी सामान्य हो सकती है।

डॉ. जिंदल ने ऐसे दो मरीजों की जानकारी दी जिनकी थोरेसिक सर्जरी की गई और वे अब नॉर्मल लाइफ गुजार रहे हैं। 35 वर्षीय राम सिंह जब मैक्स हॉस्पिटल में भर्ती हुआ,तब उन्हें तनाव था, गंभीर हीमोप्टाइसिस था जिसके चलते खांसी के साथ खून आ रहा था। अस्पताल में आने पर मरीज का सीटी स्कैन किया गया और ब्रोन्कोस्कोपी की गई। जांच में पता चला कि उनकी यह हालत दाहिने फेफड़े के ऊपरी हिस्से की वजह से हुई है। यह हालात देखते हुए तत्काल सर्जरी का फैसला लिया गया। इस सर्जरी में निचले हिस्से को बचाते हुए दाहिने फेफड़े के प्रभावित ऊपरी हिस्से को बाहर निकालना था। राम सिंह को करीब एक हफ्ते में ठीक होने लगे। उनकी दृढ़ता और अस्पताल की टीम असाधारण देखभाल ने राम सिंह को पूरी तरह से ठीक कर दिया। अब राम सिंह हर परेशानी से मुक्त हैं और पूरी तरह से सामान्य जीवन गुजार रहे हैं।

राम सिंह के अलावा अभिषेक मिश्रा का केस भी कुछ ऐसा ही है। 39 वर्षीय अभिषेक दाहिनी तरफ दर्द था और सांस लेने में परेशानी हो रही थी। डिटेल जांच में दाहिने फेफड़े में पानी होने का पता चला। फिर और जांच की गई तो एक मोटे छिलके का पता चला जो फेफड़ों को सिकोड़ता था। अभिषेक मिश्रा की सर्जरी का फैसला किया गया ताकि उनके दाहिने फेफड़े के फंक्शन को सुचारू किया जा सके। ये सर्जरी सफल रही और उसके बाद ने बहुत ही आराम से रिकवरी की।

बाद में जब अभिषेक मिश्रा की बायोप्सी की तो पता चला कि उन्हें टीबी है। मैक्स अस्पताल वैशाली में सर्जरी का फायदा यह हुआ कि मरीज की टीबी का भी शुरुआती स्टेज में ही पता चल गया जिससे सही वक्त पर इलाज शुरू हो गया।

मैक्स अस्पताल वैशाली ने झांसी में अपनी ओपीडी सेवा लॉन्च कर इलाके के लोगों को स्वास्थ्य लाभ पहुंचाने की दिशा में एक और कदम उठाया है। झांसी के आसपास के लोगों को भी इस ओपीडी का लाभ मिलेगा। मैक्स अस्पताल अपनी अत्याधुनिक तकनीक और बेहतरीन मेडिकल व सर्जरी स्किल्ड टीम के लिए जाना जाता है जिससे मरीजों को बेहतर इलाज मिलता है।

महेश/सियाराम

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