– शत प्रतिशत मतदान और से नो टू नोटा का है लक्ष्य
कानपुर (हि.स.)। लोकतांत्रिक देश भारत में मतदान करना सबसे अहम माना जाता है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ‘मेरा वोट मेरी आवाज’ मतदाता जागरुकता अभियान चला रहा है। एबीवीपी यह मानता है कि शत प्रतिशत मतदान हो और नोटा की जगह विकल्प पर ही मतदान होना चाहिये। यह बातें बुधवार को कानपुर प्रेस क्लब में वार्ता के दौरान एबीवीपी की राष्ट्रीय महामंत्री निधि त्रिपाठी ने कही।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा कानपुर प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता आयोजित की गई। एबीवीपी की राष्ट्रीय महामंत्री निधि त्रिपाठी ने बताया कि विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता जागरूक एवं जिम्मेदार छात्र संगठन होने के नाते मतदाता जागरूकता अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। ‘मेरा वोट मेरी आवाज’ अभियान चलाकर शत प्रतिशत मतदान के लिए गांव व बस्तियों में रात्रि चौपाल, सेल्फी पॉइंट, नुक्कड़ नाटक, लोकतंत्र विचार, डोर टू डोर अभियान, छात्राओं द्वारा शक्ति संवाद, मतदाता दौड़ जैसे अनेक कार्यक्रमों को चला रहे हैं। साथ ही ‘से नो टू नोटा’ जिसके द्वारा नोटा की अपेक्षा उत्तम विकल्प को चुनने के लिए मतदान करने पर जोर दिया जा रहा है। एक अच्छी और मजबूत सरकार बनाने के लिए अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए आव्हान कर रहे हैं। इस अवसर पर प्रांत संगठन मंत्री अंशुल विद्यार्थी, प्रांत मंत्री तरूण बाजपेई, महानगर अध्यक्ष डॉ प्रियंका सिंह, महानगर मंत्री अविरल मिश्रा उपस्थित रहे।
ऐसी सरकार की है अपेक्षा
राष्ट्रीय महामंत्री ने कहा कि विद्यार्थी परिषद प्रदेश में ऐसी सरकार की अपेक्षा करती है जो सरकार शिक्षा के व्यापारीकरण पर चोट कर सकें। परिवारवाद-जातिवाद पर चोट कर सकें, तुष्टिकरण की राजनीति करने वालों और दंगाइयों पर चोट कर सकें। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश को अच्छा भविष्य प्रदान कर सकें। इसके लिए मतदान करने का विद्यार्थी परिषद आह्वान करती है।
अजय/दीपक
