मेरठ (हि.स.)। लोहिया नगर में फैक्ट्री में हुए विस्फोट में मारे गए पांचों लोगों के परिजन गुरुवार को मेरठ पहुंचे। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने मृतकों के शव उनके परिजनों को सौंप दिए। लोगों ने फैक्ट्री मालिक पर रंग बनाने के नाम पर बिहार से मजदूर लाने के आरोप लगाए। उन्होंने आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
लोहिया नगर में सत्यकाम इंटरनेशनल स्कूल के पास रिहायशी इलाके में चल रही फैक्ट्री में मंगलवार को विस्फोट में पांच मजदूरों की मौत हो गई थी। सात से अधिक लोग घायल हुए थे। घायलों का मेडिकल कॉलेज में उपचार चल रहा है। संजय गुप्ता ने अपने मकान को गौरव गुप्ता और आलोक रस्तोगी को किराए पर दिया हुआ था। इस फैक्ट्री में प्लास्टिक के काम के नाम पर पटाखे बनाए जा रहे थे। जबकि पुलिस और प्रशासन अभी भी पटाखा फैक्ट्री नहीं चलने की बात कह रहे हैं। विस्फोट में मारे गए मजदूर बिहार के रहने वाले थे।
गुरुवार को बिहार से मृतकों के परिजन मेरठ पहुंच गए। परिजनों ने मेडिकल कॉलेज स्थित पोस्टमार्टम हाउस पर फैक्ट्री मालिक पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि सभी मजदूरों को रंग बनाने के नाम पर 12 हजार रुपये महीना वेतन देने का लालच देकर मेरठ लाया गया था। यहां पर अवैध पटाखे बनाने का काम दे दिया गया। परिजनों ने आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और आर्थिक मुआवजा देने की मांग की। पटाखा फैक्ट्री के विस्फोट में बिहार के भोजपुर क्षेत्र के पिंटू, सुनील ठाकुर, प्रयाग शाह, रूपम शाह और अयोध्या राम की मौत हुई थी। लोगों ने हंगामा करते हुए आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग उठाई। सीओ कोतवाली अमित राय मौके पर पहुंचे और लोगों को आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई व मुआवजा दिए जाने का आश्वास देकर शांत कराया। इसके बाद मृतकों के शवों को लेकर परिजन बिहार रवाना हो गए।
कुलदीप/दिलीप
