Saturday, February 14, 2026
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मेरठ-करनाल नेशनल हाईवे पर दो नवंबर से शुरू होगी टोल वसूली

मेरठ(हि.स.)। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में विकास को नए पंख लग रहे हैं। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और रैपिड रेल का पहला सेक्शन चालू होने के बाद अब मेरठ-करनाल नेशनल हाईवे 709ए पर भी वाहन फर्राटा भर रहे हैं। इस नेशनल हाईवे पर दो नवम्बर से वाहनों से टोल वसूली शुरू हो जाएगी।

शामली और मुजफ्फरनगर जनपद से होकर मेरठ-करनाल नेशनल हाईवे 709ए को बनाने का कार्य पूरा हो चुका है। इस नेशनल हाईवे के जरिए उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब आपस में जुड़ गए हैं। अब इस नेशनल हाईवे पर दो नवम्बर से वाहनों से टोल वसूली शुरू हो जाएगी। मेरठ जनपद में भूनी गांव में आठ लेन का टोल प्लाजा बनाया गया है। इसमें तीन लेन आने और तीन लेन जाने के वाहनों के लिए निर्धारित की गई है। टोल वसूली का जिम्मा मुजफ्फरनगर की वीकेएम कंपनी को दिया गया है। टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों के लोगों को टोल में छूट के लिए पास जारी किए जाएंगे। इस नेशनल हाईवे से प्रतिदिन 15 हजार वाहन गुजरते हैं, जिनमें दस हजार व्यावसायिक और पांच हजार निजी वाहन शामिल है।

वीकेएम कंपनी के टोल मैनेजर नवीन हुड्डा के अनुसार, नेशनल हाईवे से गुजरने वाले कार, जीप, वैन आदि हल्के वाहनों से 80 रुपए टोल लिया जाएगा। लाइट व्यावसायिक वाहन और लाइट गुड्स व्हीकल, मिनी बस आदि से 130 रुपए एक ओर का टोल लिया जाएगा। दो एक्सल वाले बस, ट्रक से 275 रुपए, तीन एक्सेल वाले व्यावसायिक वाहनों से 305 रुपए, चार से छह एक्सेल वाले व्यावसायिक वाहनों से 435 रुपए और ओवर साइज सात एक्सेल वाले वाहनों से 535 रुपए का टोल लिया जाएगा। मेरठ में नेशनल हाईवे से टोल वसूलने के लिए यह तीसरा टोल प्लाजा है। अब तक एनएच-58 पर सिवाया टोल प्लाजा और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर काशी गांव में टोल प्लाजा है। आगे चलकर मेरठ-नजीबाबाद नेशनल हाईवे 119 पर बहसूमा में टोल प्लाजा बन रहा है, जबकि गंगा एक्सप्रेसवे पर खड़खड़ी गांव के जंगल में टोल प्लाजा बनाया जाएगा।

कुलदीप/सियाराम

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