मेरठ (हि.स.)। मेरठ मंडल के आयुक्त सुरेंद्र सिंह ने सोमवार को मिलियन प्लस सिटी लेवल टॉस्क फोर्स की बैठक ली।बैठक में उन्होंने ईको फै्रन्डली शादी करने वाले जोड़ो को सम्मानित करने, शहरी व ग्रामीण क्षेत्रो में विभागवार टीमों का गठन करने और जनसहभागिता के साथ सिंगल यूज प्लास्टिक के उन्मूलन करने के निर्देश दिए।
आयुक्त सभागार में हुई बैठक में आयुक्त सुरेंद्र सिंह ने कहा कि नगर निगम, सभी नगर पालिका व नगर पंचायतों से प्रतिदिन निकलने वाले कूड़े का आकलन करके रिपोर्ट ली जाए। ग्राम पंचायतों में सिंगल यूज प्लास्टिक के उन्मूलन के संबंध में प्रभावी कार्रवाई की जाए। अनावश्यक प्लास्टिक उपयोग को हतोत्साहित किया जाए। मिठाई की दुकान वाले, गिफ्ट पैक वाले, डेयरी वाले, खानपान का सामान की बिक्री करने वाले आदि को बायो-डिग्रेडेबिल पैक में सामान देने के लिए कहा जाए।
आयुक्त ने कहा कि स्कूल व कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाए। छात्र-छात्राओं को बायो-डिग्रेडिबिल पैक की आवश्यकता व उपलब्धता तथा प्लास्टिक से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक किया जाए। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी इस कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करें। बडे़ स्कूल व कॉलेजों को अर्बन लोकल बॉडी व ग्राम पंचायतों को गोद लेकर वहां सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग न करने व प्लास्टिक से होने वाले नुकसान के बारे में बताया जाए।
उन्होंने काली नदी के बढ़ते प्रदूषण पर अपनी नाराजगी व्यक्त की तथा प्लास्टिक रिसाईकिल करने वाली कंपनियों से संपर्क करने के लिए कहा ताकि प्लास्टिक वेस्ट का निस्तारण कराया जा सके। बडी कंपनियों के उत्पादों की बिक्री का आंकड़ा लेकर उनके सीएसआर फंड से जनपद में कार्य कराने के लिए प्रेरित किया जाए।
जिलाधिकारी के. बालाजी ने बताया कि प्लास्टिक अपशिष्ट नियम 2016 यथा संशोधित 2018 एवं 2021 के प्रावधानों के अंतर्गत फेज वाइज मैनर में भारत सरकार द्वारा सिंगल यूज प्लास्टिक को प्रतिषिद्ध किया गया है। उन्होंने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक के उन्मूलन के लिए प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। नगर आयुक्त मनीष बंसल ने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक जैसे-100 माईक्रोन से कम वाले प्लास्टिक व थर्माेकोल (पालीस्थीरिन) डिस्पोसेबल कटलरी, प्लेट, कप, गिलास, प्लास्टिक कांटा, प्लास्टिक चम्मच, चाकू, ट्रे, स्ट्रा, प्लास्टिक फ्लैग, गिफ्ट पैक व इनविटेशन कार्ड को पैक करने वाली फिल्म, प्लास्टिक और पीवीसी बैनर इनका उपयोग नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विभिन्न प्लास्टिक उत्पादो के उपयोग को हतोत्साहित करना चाहिए जैसे प्लास्टिक कैरी बैग, कृत्रिम प्लास्टिक फूल, प्लास्टिक फोल्डर आदि। इस अवसर पर क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी योगेन्द्र कुमार, सहायक अभियंता प्रखर कुमार, डीपीआरओ रेनू श्रीवास्तव, बीएसए योगेन्द्र कुमार, डीआईओएस गिरजेश चौधरी आदि उपस्थित रहे।
