नेशनल मेडिकल कमीशन ने मेडिकल कालेज की पीजी की बढ़ाई 11 सीटें
कानपुर(हि.स.)। गणेश शंकर विद्यार्थी मेमोरियल मेडिकल कालेज का प्रबंधन लगातार 20 सालों से पीजी की सीटों की बढ़ोत्तरी की मांग कर रहा है। लेकिन एनएमसी यानी नेशनल मेडिकल कमीशन सुनवाई नहीं कर रहा था। आखिरकार एनएमसी ने सीटें बढ़ाने का फैसला ले लिया और पीजी की 11 सीटे बढ़ा दी गईं। हालांकि मेडिसिन विभाग की सीटें नहीं बढ़ाई गई जिसकी मांग बराबर की जा रही थी। इससे मेडिसिन विभाग को मायूसी हाथ लगी है।
गणेश शंकर विद्यार्थी मेमोरियल मेडिकल कालेज (जीएसवीएम) के प्राचार्य प्रो. संजय काला ने बताया कि नेशनल मेडिकल कमीशन ने पांच विभागों में पीजी सीटें बढ़ाने की अनुमति प्रदान की है। एनएमसी ने ई-मेल के जरिए सूचना भेजकर अवगत कराया है। अब इन पीजी सीटों को काउंसलिंग में शामिल किया जाएगा। प्राचार्य ने बताया कि मेडिसिन एवं सर्जरी विभाग में मरीजों का सर्वाधिक दबाव रहता है। आठ साल पहले मेडिसिन विभाग की आठ सीटें कम कर दी गई थीं, जिससे यहां 10 पीजी सीटें बची हैं। उनके बढऩे का इंतजार किया जा रहा है। इसी तरह सर्जरी विभाग में 15 सीटें हैं। इन दोनों विभागों का एनएमसी के इंस्पेक्टर निरीक्षण करके जा चुके हैं।
बताया कि रेस्पिरेट्री मेडिसिन विभाग में पांच सीटें थीं, जो अब बढ़कर सात हो गईं हैं। वहीं, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में अभी तक 10 सीटें थीं, जो अब बढ़कर 12 हो गईं हैं। इसी तरह पैथालाजी विभाग में छह सीटें थीं, जो बढ़कर आठ हो गईं हैं। इसी तरह कम्यूनिटी मेडिसिन विभाग में दो सीटें थीं, जो अब तीन हो गईं हैं। फार्माकोलाजी विभाग में दो थीं, जो बढ़कर चार हो गईं हैं।
20 सालों से था इंतजार
प्राचार्य ने बताया कि नेशनल मेडिकल काउंसिल ने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में सर्जरी विभाग में भी सीटें बढ़ाने का फैसला किया है। उम्मीद यह की जा रही है की एक-दो दिनों में बढ़ी हुई सीटों की जानकारी मिल जाएगी। वहीं मेडिसिन विभाग में सीटें नहीं बढ़ने से मायूसी है। इस विभाग के प्रस्ताव को काउंसिल की टीम ने खारिज कर दिया था। बताया, पिछले 20 सालों में ऐसा पहली बार हुआ है कि जीएसवीएम में सीटें बढ़ी हो। सीटें बढ़ने से काफी फायदा होगा। पैथोलॉजी, चेस्ट और गायनी में काफी दिक्कत थी। शासन को जल्द सूचना भेजी जा रही है, ताकि काउंसिलिंग के जरिए छात्रों के एडमिशन शुरू किए जा सकें।
