Tuesday, March 31, 2026
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मूर्तियों का करें इको-फ्रेंडली विसर्जन : नमामि गंगे

– मूर्ति से घुले जल को किसी गमले या पेड़ की जड़ में डालें

वाराणसी (हि.स.)। दीपावली पर्व के बाद लक्ष्मी-गणेश की पुरानी मूर्तियों का विसर्जन लोग गंगा में कर रहे हैं। बुधवार को नमामि गंगे टीम के संयोजक राजेश शुक्ला के नेतृत्व में दशाश्वमेध घाट पर गंगा की तलहटी से स्वच्छता अभियान चला काफी मात्रा में पुरानी मूर्ति निकाली। स्वच्छता अभियान के बाद टीम के सदस्यों ने लोगों से अपील किया कि गणेश लक्ष्मी सहित अन्य देवी देवताओं की मूर्तियों को गंगा नदी में प्रवाहित न करें। मूर्तियों को गंगा या सड़क किनारे, फुटपाथ पेड़ के नीचे या पार्क,सार्वजनिक स्थानों पर रखने के बजाय इनका इको-फ्रेंडली विसर्जन करें।

गंगा और उसकी सहायक नदियों के संरक्षण के लिए आगाह करते हुए राजेश शुक्ला ने कहा कि दीपावली पर लगभग हर घर में श्री गणेश और लक्ष्मी जी की नई मूर्ति की पूजा होती है। लेकिन पुरानी मूर्ति का क्या होगा ये लोग नहीं सोचते। ज्यादातर लोग मूर्तियों को गंगा में प्रवाहित कर देते हैं और कुछ लोग पेड़ के नीचे रख देते हैं। ऐसे में लोगों से निवेदन है कि इन मूर्तियों को एक टब पानी में थोड़ा गंगा जल डालकर उसमें रख दें। एक-दो दिन में मूर्ति स्वतः उस में घुल जायेगी। मूर्ति घुले जल को किसी गमले या पेड़ की जड़ में डाल सकते हैं। आपका यह प्रयास मूर्ति का सम्मानजनक विसर्जन तो होगा ही मां गंगा सहित अन्य नदियों को स्वच्छ रखने को उठाया गया सार्थक कदम भी होगा।

श्रीधर

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