मुख्तार अंसारी को बांदा लाए जाने से पहले हर स्तर पर सुरक्षा-व्यवस्था पुख्ता की जा रही है। शहर के नामचीन होटलों को खंगाला गया। वहीं, मंडल कारागार आसपास के मकानों में किराएदारों के सत्यापन का काम भी शुरू किया गया है।
शहर में अब तक किराएदारों के सत्यापन और होटलों की जांच-पड़ताल की सिर्फ खानापूरी होती रही। मुख्तार अंसारी की बांदा मंडल कारागार में शिफ्टिंग तय होने के बाद सत्यापन कार्य तेजी से शुरू हुआ। शहर कोतवाली की सभी चौकी के इंचार्जों को अपने-अपने क्षेत्र में सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं। शहर कोतवाल ने बताया कि मंडल कारागार के आसपास के घरों में रहनेवाले किराएदारों का सबसे पहले सत्यापन किया जा रहा है। इसके साथ ही होटलों में रुकने वालों की जानकारी जुटाई गई है। बाहर से आकर रुकने वालों पर विशेष नजर है। होटलों को सख्त हिदायत दी गई है कि बिना आईडी कोई मिलता है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
खाईपार रुका था अंसारी का परिवार
शहर कोतवाल के मुताबिक, पूर्व में बांदा मंडल कारागार में मुख्तार अंसारी के रहने के दौरान उसका परिवार खाईंपार स्थित अपने एक परिचित के यहां रुका था। उस परिवार से संपर्क किया गया है।
कारागार के बाहर लगाई गई एंबुलेंस
अब तक कारागार के बाहर एंबुलेंस नहीं रहती थी। सोमवार को कारागार के बाहर एक एंबुलेंस लगाई गई। मुख्तार के बांदा कारगार में रहने तक एंबुलेंस को रिजर्व किया गया है। किसी इमरजेंसी में उसके लिए इसी एंबुलेंस का प्रयोग किया जाएगा।
