Saturday, April 11, 2026
Homeउत्तर प्रदेशमुख्यमंत्री ने पीड़ित दारोगा की सुनी गुहार, इंस्पेक्टर सहित पांच पुलिस कर्मियों...

मुख्यमंत्री ने पीड़ित दारोगा की सुनी गुहार, इंस्पेक्टर सहित पांच पुलिस कर्मियों पर दर्ज होगा मुकदमा

इंस्पेक्टर की कारस्तानी से पीड़ित दारोगा भेजा गया था जेल

कानपुर (हि.स.)। थाना पुलिस पर आए दिन आरोप लगते हैं कि न्याय नहीं मिल रहा है, लेकिन जब विभाग के एक दारोगा ने साक्ष्यों के साथ आरोप लगाया कि तत्कालीन इंस्पेक्टर और चार अन्य पुलिस कर्मियों ने फर्जी फंसा दिया तो सवाल उठना लाजिमी है। यही नहीं पीड़ित दारोगा के साक्ष्यों पर मुख्यमंत्री ने भी मुहर लगा दी और पुलिस आयुक्त ने साजिशकर्ता तत्कालीन इंस्पेक्टर सहित पांच पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दे दिये।

पीड़ित दारोगा दयाशंकर वर्मा ने बताया कि 2014 में नजीराबाद थाने में तैनाती थी। अगस्त माह में बर्रा थाना क्षेत्र में ललित सोनी से जेवरात भरे बैग को लुटेरों ने लूट लिया था। मामले को लेकर बर्रा थाना के तत्कालीन इंस्पेक्टर संजय मिश्रा, एसआई शीतला प्रसाद, वीरेंद्र प्रताप, प्रमोद कुमार, सिपाही अमर सिंह ने मनोज गुप्ता उसके ड्राइवर मोनू ठाकुर व नीतू को उठाकर फर्जी लूट का खुलासा किया था।

पीड़ित दारोगा का आरोप है मनोज गुप्ता मेरे परिचित थे और संजय मिश्रा ने साजिश के तहत मेरे फोन से मनोज गुप्ता को अपने घर फोन कराया और कहा गया कि मोनू को छुड़वाने के लिए 50 हजार रुपये लगेंगे। उधर मनोज की पत्नी मोबाइल में रिकॉर्डिंग कर रही थी और उसी रिकॉर्डिंग के आधार पर मुझे सस्पेंड कर दिया गया। तीन महीने जेल में भी रहा। जेल से छूटने के बाद पूरे साक्ष्य एकत्र किये और आलाधिकारियों के यहां न्याय की गुहार लगाता रहा पर कोई सुनवाई नहीं हुई।

इस पर 2017 में मुख्यमंत्री से गुहार लगाई और कार्यवाही के आदेश आ गयें। इसके बावजूद आरोपी संजय मिश्रा और उसके सहयोगियों पर मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। थक हारकर बीते दिनों फिर मुख्यमंत्री से गुहार लगाई तो मुख्यमंत्री के आदेश पर पुलिस आयुक्त असीम अरुण ने संजय मिश्रा सहित पांच लोगों के खिलाफ बर्रा थाना में मुकदमा दर्ज करने के आदेश कर दिया। बताया कि अब उम्मीद है कि मुकदमा दर्ज होगा और न्याय मिलेगा।

RELATED ARTICLES

Most Popular