Wednesday, March 11, 2026
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मुख्तार के गिरोह आईएस-191 के करीबी राजन सिंह की अवैध सम्पत्ति जब्त

मऊ। बाहुबली मुख्तार अंसारी और उसके करीबियों पर पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है। इसी कड़ी में मुख्तार के गिरोह आईएस 191 के अत्यंत नजदीकी, कोयला माफिया व अपराधिक गैंग आईआर-09 के सदस्य व हिस्ट्रीशीटर राजेश उर्फ राजन सिंह की 35 लाख 23 हजार 600 रुपये की सम्पत्ति को गैंगस्टर एक्ट के तहत मऊ पुलिस ने जब्त की है।

पुलिस अधीक्षक सुशील घुले ने बताया कि गुरुवार को राजेश सिंह उर्फ राजन सिंह ने मुख्तार अंसारी के साथ मन्ना सिंह हत्याकांड 2009 में गवाह राम सिंह मौर्या एवं सुरक्षा में लगे आरक्षी सतीश हत्या में सह अभियुक्त रहा है।

राजेश सिंह उर्फ राजन सिंह ने अपराध से अवैध रूप से अर्जित किए गए ग्राम खरगजेपुर तहसील सदर में अर्जित की गई सम्पति को जब्त की है। वह त्रिदेव कंस्ट्रक्शन कंपनी,त्रिदेव कोल डिपो,त्रिदेव ग्रुप का संचालन अपने भाई उमेश सिंह के साथ मिलकर करता रहा है।

दो दशक से दोनों भाई कर रहे मुख्तार की मदद

पिछले दो दशकों के दौरान राजन सिंह व उमेश सिंह के द्वारा मुख्तार अंसारी व गिरोह के मुख्य शरणदाता व आर्थिक मददगार के रूप में अतिसक्रिय व अग्रणी भूमिका रही है। माफिया से सम्बन्धों का फायदा उठाकर इंदारा कोपागंज में कोल डिपो स्थापित कर मोनोपोली बनाते हुए कोयला माफिया के रूप में इन दोनों के द्वारा अर्जित धन से मुख्तार अंसारी गिरोह की फंडिंग लंबे समय से की जाने की भी बात प्रकाश में आई है। 

कोयला व्यापारियों में रहती है इनकी दहशत 

इनके द्वारा माफिया व माफिया गिरोह से संबंध का इस्तेमाल करते हुए कोयले के व्यापार में अपनी मोनोपोली स्थापित करते हुए जनपद के अन्य व्यापारियों में भय व आतंक का माहौल पैदा किया गया, जिससे अन्य कोई व्यक्ति कोयला व्यापार में नहीं आया। इस प्रकार गैंग के रूप में कार्य करते हुए जघन्य अपराधों के माध्यम से अवैध धन का इस्तेमाल अपराधियों को संरक्षण देने के साथ साथ अपने बिजनेस में लगा कर त्रिदेव के नाम से अलग-अलग कंपनियां खोलकर किया गया।

यह भी उल्लेखनीय है कि उक्त राजेश उर्फ राजन सिंह के भाई उमेश सिंह की अपराध व अवैध रुप से अर्जित लगभग 6.5 करोड़ रुपये की संपत्ति पूर्व में जब्त की जा चुकी है।इसके अलावा भी उमेश सिंह व राजन सिंह के विरुद्ध कुल आठ अभियोग पंजीकृत हैं।

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