संवाददाता
बस्ती। जिले के लालगंज थाने में तैनात दारोगा विजय प्रकाश यादव को गोरखपुर से आई एंटी करप्शन टीम ने रिश्वत लेते बुधवार को रंगेहाथ दबोच लिया। दरोगा पर मुकदमा दर्ज करने के साथ ही एसपी स्तर से उसे निलंबित कर दिया गया है। लालगंज थाने के बानपुर बाजार में 1/ 2 जुलाई 2020 को धर्मेन्द्र चौधरी का शव पंखे से लटकता मिला था। इस घटना में मृतक के परिजनों ने भूमि विवाद को लेकर मारपीट को वजह बताते हुए आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में बानपुर निवासी उमेश चौधरी समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इस मुकदमें की विवेचना एसआई विजय प्रकाश यादव को सौंपी गई थी।
कोतवाली पहुंचे शिकायतकर्ता उमेश चौधरी ने बताया कि मुकदमे में उसने कोर्ट से गिरफ्तारी पर स्टे ले लिया था। इसके बाद नाम निकालने के लिए विवेचक विजय प्रकाश यादव से मिला। आरोप लगाया कि पहले नाम निकालने के लिए दो लाख रुपये की डिमांड की। बाद में एक लाख रुपये पर आए अंत में 70 हजार रुपये पर बात फाइनल हो गई थी। दो-तीन दिन पूर्व दो बार में पांच-पांच हजार रुपये देने के बाद बुधवार को 40 हजार रुपये दिन की बात तय हुई थी। उमेश ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन गोरखपुर में की। बनकटी ब्लॉक मुख्यालय के पास एक किराए के मकान में दरोगा को पैसे देते हुए टीम ने पकड़ लिया। पुलिस अधीक्षक हेमराज मीणा ने बताया कि प्रकरण में मुकदमा दर्ज कराकर विधिक कार्यवाही की जा रही है। आरोपी दरोगा विजय प्रकाश यादव को निलंबित कर दिया गया है।
