– 75 गांव के संपर्क दूसरे गांव से कटे, प्रशासन की ओर से नहीं पहुंचायी जा रही कोई सुविधा
मीरजापुर (हि.स.)। जनपद में गंगा के खतरे का निशान पार करते ही बाढ़ की स्थित और विकराल हो गई। लगभग 300 गांव के घरों में पानी घुस गया है। 75 गांव के संपर्क दूसरे गांव से कट गए हैं। दो हजार बीघे की फसल व सब्जी डूबकर नष्ट हो गई है। इसमें किसानों को लगभग पांच करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। हालात ये हो गए हैं। अब लोग अपने घरों से पलायन करने को मजबूर हो गए हैं। लोगों की सहायता के लिए हालांकि 32 बाढ़ चौकिया बनाई गई हैं, लेकिन वहां से अभी तक कोई सहायता नहीं मिली है।
ग्रामीण अपनी जान खतरे में डालकर बाइक या ट्रैक्टर से गांव के बाहर आकर रोजमर्रा की वस्तुएं खरीदकर घर जा रहे हैँ। हालांकि अधिकारी गांव का निरीक्षण करने पहुंच रहे हैं, लेकिन सभी लोग बाहर बाहर ही देखरेख करके वापस आ जा रहे हैं। कोन ब्लाक हरसिंहपुर, मल्लेपुर, बल्ली परवा, मझिगवां, आदि गांव पानी से घिर गए हैं। हरसिंगपुर गांव की तीन हजार आबादी है। सभी घरों में पानी घुस गया है। इसमें से 50 प्रतिशत आबादी पयालन कर चुकी है। यह देख मंगलवार को ब्लाक प्रमुख कोन मीनाक्षी सिंह उनके पति अनिल कुमार सिंह, बीडीओ कोन रामदरस ने गांवों का स्थलीय निरीक्षण किया। प्रभावित लोगों की सहायता करने का आश्वासन दिया। साथ प्रशासन से नाव उपलब्ध कराने की मांग की।
खतरे के निशान को पार कर 77.950 पहुंचा जलस्तर
जनपद में गंगा ने सोमवार की देर रात खतरें के निशान 77.724 को पार कर लिया। मंगलवार की सुबह गंगा का जलस्तर 77.820 पहुंच गया। दो सेंटीमीटर प्रतिघंटे की दर से बढ़ रही गंगा के चलते शाम चार बजे 77.950 जलस्तर पहुंच गया। इसकी खबर लगते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया।
बीडीओ छानबे ने बाढ़ प्रभावित गांव का दौरा
प्रभारी खंड विकास अधिकारी अश्वनी कुमार सिंह, सहायक विकास अधिकारी कोऑपरेटिव अवनीश कुमार यादव ने टीम के साथ बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। प्रभावित ग्रामीणों का सहयोग करने के लिए ग्राम प्रधान प्रतिनिधि बिरोही वकील कुमार सरोज को निर्देशित किया। प्रधान प्रतिनिधि वकील कुमार ने मांग किया कि ग्राम पंचायत बिरोही में कम से कम चार नाव की व्यवस्था की जाए। बीडीओ ने आश्वासन दिया कि तहसीलदार से बात कर जल्द नाव की व्यवस्था उपलब्ध करवाएंगे।
दूसरे कालेज में होगी नयोदय की प्रवेश परीक्षा
गंगा में आई बाढ़ से नवोदय विद्यालय में कक्षा छह की प्रवेश परीक्षा के लिए सीखड़ ब्लाक के विद्यार्थियों के लिए नामित सेंटर श्री शिवाजी इंटर कालेज हासीपुर बाढ़ के पानी में घिर जाने के कारण मंगलवार को 11 अगस्त की परीक्षा 11-15 मिनट से अब माता शांति इंटर कालेज मंगरहा में अनुक्रमांक 2839354से 2839501 तक के विद्यार्थियों की परीक्षा होगी। यह जानकारी जवाहर नवोदय विद्यालय के प्राचार्य सुरेश चंद्रा ने दी है।
छात्रों के गांवों को उलब्ध कराई जाएगी नाव
जो छात्र छात्राएं बीए, एमए आदि की परीक्षा दे रहे हैं और उनके गांव में बाढ़ आई है तो वहां पर नाव उपलब्ध करायी जाएगी, जिससे वे अपने घर से सुरक्षित सड़क तक पहुंच सके। ऐसे गांव के लोग अपने प्रधान से संपर्क करें। प्रधान बीडीओ से सम्पर्क करके नाव मंगवा लें।
1978 में गंगा का जलस्तर था 80.320
जनपद में 1978 में आई भीषण बाढ़ के दौरान गंगा का जलेस्तर 80.320 था, जिसकी चपेट में पूरा कोन ब्लाक, छानबे का आधा क्षेत्र, मझवां का आधा क्षेत्र, सीखड़ का आधा क्षेत्र, पहाड़ी ब्लाक का कुछ हिस्सा, नरायनपुर ब्लाक का कुछ हिस्सा व सिटी ब्लाक का कुछ हिस्सा काफी प्रभावित हुआ था। सबसे अधिक कोन ब्लाक के लोगों को नुकसान उठानी पड़ी। गंगा का पानी गोपीगंज चील्ह मांग के ऊपर से गुजर रहा था और औराई मार्ग तक पहुंच गया था।
