– तहसील प्रशासन ने सक्रिय की बाढ़ चौकियां, सतर्कता के लिहाज से लगाई 17 नाव
मीरजापुर (हि.स.)। जिले के चुनार क्षेत्र में गंगा में लगातार बढ़ रहे जलस्तर से चुनार तहसील क्षेत्र के सीखड़ व ढाब इलाके के गांव प्रभावित होना शुरू हो गए हैं। सीखड़ व ढाब इलाके के करीब दर्जनों गांवों के तटवर्ती इलाकों में स्थित खेतों में शुक्रवार को गंगा का पानी घुसना शुरू हो गया। बाढ़ के कारण इन इलाकों में पचीस फीसद से अधिक खेत प्रभावित हो चुके हैं।
एसडीएम चुनार नीरज प्रसाद पटेल व सीओ रामानंद राय ने ढाब के जलालपुर माफी व नकहरा गांवों का दौरा किया। जहां नाव संचालन की व्यवस्था देखने के साथ ही बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। तहसीलदार नुपुर सिंह ने बताया चुनार सतर्कता के लिहाज समसपुर में दो, जगदीशपुर टम्मलगंज में एक, शिवपुर में एक, लल्ली की मड़ई में एक, बगहीं में पांच एवं जलालपुर माफी में दो नाव लगाई गई है। वहीं तहसील इलाके में बनाई गई सभी 23 बाढ़ चौकियां सक्रिय कर दी गई हैं। सड़क मार्ग पर पानी भर जाने से ढाब क्षेत्र का संपर्क पूरी तरह नाव पर आधारित हो गया है। बीडीओ संजय कुमार श्रीवास्तव ने भी ब्लाॅक क्षेत्र के कई गांवों का दौरा कर बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मियों से जानकारी ली।
उपजिलाधिकारी चुनार नीरज प्रसाद पटेल ने बताया कि गंगा में बढ़ रहे जल स्तर और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए तहसील प्रशासन पूरी तरह तैयार है। बाढ़ के मद्देनजर सभी बाढ़ चौकियां सक्रिय कर दी गई हैं और वहां तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों से लगातार जानकारी ली जा रही है।
ढाब के पचास फीसद खेत प्रभावित
क्षेत्र के जलालपुर माफी, चितरहां, बगहीं, शिवपुर, धरम्मरपुर, गांगपुर, चंदनपुर, गोविंदपुर, नियामतपुर समेत करीब एक दर्जन गांवों में पानी निचले इलाकों में प्रवेश कर गया है। जिसके कारण इन गांवों में बोई गई मूंगफली, अरहर, बाजरा, मूंग, उत्तैला, तिल तथा सब्जियों की फसलों पर संकट गहरा गया है। यदि पानी का बढ़ाव जारी रहा तो इन फसलों को बर्बाद होने से नहीं बचाया जा सकेगा।
विधायक ने किया क्षेत्र का भ्रमण
शुक्रवार को चुनार विधायक अनुराग सिंह ने क्षेत्रीय लोगों के साथ कृयात क्षेत्र के खानपुर, सोनवर्षा आदि गांवों में भ्रमण कर लोगों से बाढ़ के हालात की जानकारी ली। उन्होंने क्षेत्रीय लोगों से राहत कार्य के लिए सुझाव भी लिए। बताया कि गंगा का पानी बढ़ने के कारण बाढ़ के हालात बन गए हैं। जलमग्न इलाकों में आवागमन के लिए आवश्यकता के अनुसार नाव के इंतजाम कराए जा रहे हैं। उन्होंने क्षेत्रीय किसानों को बाढ़ से होने वाले नुकसान के लिए मिलने वाली राहत राशि के लिए जिलाधिकारी से मिलकर वार्ता करने की बात भी कही। स्थानीय लोगों ने बाढ़ के दौरान स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से संचालित कराने व किसान बीमा का लाभ दिलाने की मांग की।
गिरजा शंकर
