Wednesday, March 4, 2026
Homeउत्तर प्रदेशमीरजापुर : अब बांस के आभूषण बनाएंगे हुनरमंद कारीगर, बदलेंगे तकदीर

मीरजापुर : अब बांस के आभूषण बनाएंगे हुनरमंद कारीगर, बदलेंगे तकदीर

नार्थ इस्ट में प्रचलित है बम्बू आभूषण, फिल्मी हस्तियां हैं दीवानी

एक बांस का आभूषण बनाकर एक लाख रुपये कमा सकेंगे कारीगर

मीरजापुर (हि.स.)। देश के नार्थ इस्ट में प्रचलित बम्बू आभूषण अब मड़िहान के कामन फैसिलिटी सेंटर में बनाए जाएंगे। फिनीसिंग व हल्का होने के कारण बम्बू आभूषण की फिल्मी हस्तियां भी दीवानी हैं। जल्द ही यहां के हुनरमंद कारीगर बांस का आभूषण बनाकर अपनी तकदीर बदलेंगे। साथ ही परम्परागत हुनर को पंख लगेंगे और कारीगर हौसलों की उड़ान भरेंगे।

बीते जमाने में बांस की लाठी, सूप, टोकरी, चटाई, पंखा व कुर्सियां मनुष्य के जीवन के लिए बहुत ही उपयोगी हुआ करती थी। अब बांस आकर्षक आभूषणों से जुड़कर महिलाओं की खूबसूरती बढ़ाएगा। इन सबको बचाकर कुशल कारीगरों को आमदनी का हिस्सा बनाना होगा। इसके लिए सरकार बंधन योजना के तहत सौ केंद्र बना चुकी है। जहां पर कारीगर अपने उत्पाद की बिक्री कर सकेंगे। कारीगरों की आर्थिक तंगी दूर करने के लिए इनके परम्परागत हुनर को तकनीक से जोड़ा जाएगा, जिसकी मदद से ये बांस के आभूषण जैसे कान के लिए बाली, गले के लिए हार, हाथ के लिए कंगन इत्यादि चीजों का निर्माण भी बांस से सुगमता से कर सकेंगे। बाजार के अलावा आनलाइन प्लेटफार्म पर भी इन उत्पादों की बिक्री होगी। कारीगरों की आय बढ़ाने के लिए यह ठोस कदम उठाया जा रहा है। इसके लिए सरकार अनुदान राशि भी देगी।

मुख्य वन संरक्षक मीरजापुर मंडल रमेश चंद्र झा ने बताया कि बम्बू मिशन योजना के तहत मीरजापुर, गोरखपुर, झांसी, बरेली समेत प्रदेश भर के पांच स्थानों पर कामन फैसिलिटी सेंटर खोला गया है, जिससे कुशल कारीगरों के हुनर को पंख लग सके। साथ ही उत्पाद बेचने के लिए दस दुकानें भी बनाई गई हैं। नार्थ इस्ट के त्रिपुरा की बम्बू एक्सपर्ट नीरा शर्मा ने बताया कि कान की बाली, गले का हार, हाथ का कंगन इत्यादि चीजों का निर्माण भी बांस से सुगमता से किया जा सकता है। इसका मार्केट वैल्यू काफी अच्छा रहेगा।

बम्बू एक्सर्पट ने बांस के आभूषण यहां के कारीगरों को दिखाईं और इसके निर्माण के लिए प्रोत्साहित भी किया। कहा कि ये आभूषण फिल्म हस्तियां पहनती हैं, क्योंकि यह फिनीश व हल्का होता है। एक बांस से आभूषण बनाकर लगभग एक लाख रुपये तक कमाया जा सकता है। साथ ही एक बांस-एक लाख का नारा…भी दिया। प्रभागीय वनाधिकारी मीरजापुर पीएस त्रिपाठी ने बताया कि स्वयं सहायता समूह के माध्यम से बम्बू मिशन योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। हुनरमंद कारीगरों को अपने उत्पाद बेचने के लिए दुकान एलाट की जाएगी। आनलाइन प्लेटफार्म पर भी बिक्री की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे कारीगरों के आय के साधन बढ़ेंगे।

सीएचसी पर लगी है सात मशीनें

बम्बू प्लांटेशन बढ़ाने के लिए सरकार की ओर से बम्बू मिशन योजना के तहत आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र मड़िहान में कामन फैसिलिटी सेंटर का निर्माण किया गया है। क्षेत्र के कुशल कारीगर यहां आकर बम्बू प्रोडक्ट बनाते हैं। इसके फिनीशिंग के लिए सात मशीनें भी लगाई गई हैं।

जितेंद्र सीखा रहे बांस के आभूषण बनाने का हुनर

त्रिपुरा से आई बम्बू एक्सपर्ट नीरा शर्मा ने मिशन के तहत सौ महिला व पुरुष कारीगरों को प्रशिक्षित किया, आगे भी किया जाएगा। मड़िहान के स्वयं सहायता समूह के सदस्य जितेंद्र कोल को प्रशिक्षण के लिए मध्य प्रदेश के बालाघाट भेजा गया था। प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद अब वे यहां के कारीगरों को आभूषण बनाने का हुनर सीखा रहे हैं। बांस का आभूषण बनाने के लिए स्वयं सहायता समूह को जागरूक भी कर रहे हैं।

RELATED ARTICLES

Most Popular