मेरठ(हि.स.)। बिजली मीटर खराब करने वाले गैंग की धरपकड़ करने के लिए पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीवीवीएनएल) ने कमर कस ली है। पीवीवीएनएल के प्रबंध निदेशक ने मीटर खराब करने वाले गैंग की सूचना देने वालों को 25 हजार रुपए का ईनाम देने की घोषणा की है।
पीवीवीएनएल के प्रबंध निदेशक अरविंद मलप्पा बंगारी ने बिजली चोरी की रोकथाम के लिए ईनामी योजना घोषित की है। विद्युत विभाग को विभिन्न अति विकसित तकनीक के द्वारा विद्युत चोरी की सूचनाएं मिल रही है। जांच में पाया गया कि बिजली चोरी बाहुल्य क्षेत्रों में मीटर खराब करने वाले गैंग सक्रिय है, जो अधिक यूनिट के बदले कम रीडिंग का बिल बनवा कर यूनिट को मीटर में स्टोर करने, मीटर खराब कर और बाद में उस मीटर को बदल कर रिकार्ड गायब करने, मीटरों की बॉडी टेम्पर कर मीटर के अंदर शंट या रिमोट लगाकर विद्युत चोरी कराने में सक्रिय है। इसके साथ ही मीटर के अंदर सर्किट से छेड़छाड़ कर मीटर धीमा करने, मीटर की डिस्प्ले पर कैमिकल स्प्रे कर मीटर को नो डिस्प्ले कर विद्युत चोरी कराने में संलिप्त है। विद्युत चोरी करना विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 के अंतर्गत दंडनीय अपराध है। इससे न केवल जान-माल की हानि होती है, बल्कि मुकदमा होने पर जेल भी जाना पड़ सकता है। मीटर से छेड़छाड़ करने वाले गैंग की सूचना देने वालों को 25 हजार रुपए का ईनाम दिया जाएगा। सूचना देने वाले का नाम पूरी तरह से गोपनीय रखा जाएगा।
कुलदीप
