– गंगा नदी के रामगया घाट के पास ग्रामीणों से भरी नाव पलटने में नहीं हुई कोई जनहानि
मीरजापुर/लखनऊ (हि.स.)। (अपडेट)। उत्तर प्रदेश के विंध्याचल स्थित शिवपुर रामगया घाट पर मंगलवार को नाव पलट गयी थी। इस दौरान गंगा नदीमेंनाव पर सवार 18 लोग डूब गये थे। नदी किनारे मौजूद मछुआरों ने इन सभी लोगों की जान बचायी है। अगर यह लोग नहीं होते थे शायद कोई बड़ी घटना हो सकती थी। लोगों की जान बचाने वाले मछुआरों को प्रशासन सम्मानित भी कर सकता है।
शिवपुर थाना क्षेत्र के रामगया घाट निवासी सभी 18 लोग नाव में बैठकर रोजाना की तरह मंगलवार को मटर की फली तोड़ने के लिए चील्ह क्षेत्र में जा रहे थे। नाव में क्षमता से अधिक लोग सवार होने से वह पलट गई और सभी डूब गए। एका-एक नदी में चीख-पुकार मच गई। इस बीच नदी के किनारे मौजूद मछुआरों ने फौरन नदी में कूदकर सभी लोगों को बचा लिया। इस बीच जानकारी मिलते ही मौके पर जिला व पुलिस प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गये। इसमें से 12 लोगों को सीएचसी में उपचार कराया जा रहा है, शेष को घर भेज दिया।
ये लोग निकाले गए
मछुआरों की कड़ी मेहनत के बाद मुछआरों ने सुदेवी, नेमा पत्नी दयाराम (50), जिऊती पत्नी रामा (60), शीला पत्नी पतालू (45) शनि पुत्र नान्हक (19) (नाव चालक), बल्लू पुत्र तोड़न ( 20) (नाव चालक), पायल पुत्र संतोष (15), श्रेया पुत्री नन्दन (14), सुधा पुत्री श्यामलाल (14) खुशी पुत्री रामनन्दन (12), खुशबू पुत्री पतालू (12), साधना पुत्री लक्ष्मी (15), निशा पुत्री सम्पत (14), बेबी पुत्री चिगनू (16), ऊषा पुत्री महेन्द्र (14), संगीत पुत्री भाईलाल (15), संतोषी पुत्री सप्तमी (16), रेखा पुत्री पप्पू (14) की जिंदगी को बचाया है।
मछुआरों को बताया भगवान
काल के गाल से निकले लोगों ने दूसरी जिंदगी पाने के लिए मछुआरों का शुक्रिया अदा किया है। वृद्ध महिला सुदेवी ने कहा कि उनकी उम्र करीब 50 वर्ष हो चुकी है। आज अगर मछुआरे न होते तो वह जिंदा भी नहीं रहती, लेकिन इन लोगों ने उन्हें दूसरी जिंदगी दी है, इसके लिए उन्होंने इन मछुआरों को दुआएं दी है। इतना ही नहीं 18 लोगों की जान बचाने के लिए प्रशासन मछुआरों को सम्मानित भी कर सकता है।
Submitted By: Deepak Varun Edited By: Deepak Varun
