– शासन ने परिवहन विभाग को जिला प्रशासन से समन्वय स्थापित करने के निर्देश
गाजियाबाद (हि.स.)। महानगर में कूड़ा डंपिंग को लेकर जहां नगर निगम स्थाई समाधान अभी तक नहीं ढूंढ सका है। वहीं, शासन ने परिवहन विभाग को डंपिंग ग्राउंड तलाश करने के निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों में कहा गया है कि परिवहन विभाग के अधिकारी, जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर जल्द से जल्द डंपिंग ग्राउंड के लिए जगह की तलाश करें।

इस आदेश के बाद परिवहन विभाग की सांसे अटक गई हैं। कारण परिवहन विभाग के पास अभी तक ना तो कोई बजट है और ना ही कोई जगह है। गाजियाबाद जैसे शहर में डंपिंग ग्राउंड के लिए जगह तलाश करना अपने आप में मुश्किल कार्य है। गाजियाबाद नगर निगम इसका जीता जागता उदाहरण है। तीन दशकों से गाजियाबाद नगर निगम प्रतिदिन निकलने वाले कूड़े के निस्तारण के लिए डंपिंग ग्राउंड की तलाश नहीं कर सका है। अगर कोई जगह चिन्हित की गई जाती है तो उसका विरोध शुरू हो जाता है।
दरअसल, शासन ने सड़कों पर दौड़ने वाले वाहनों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है। एक सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में डीजल के वाहनों की आयु 10 वर्ष तथा पेट्रोल के वाहनों की आयु 10 वर्ष निर्धारित की गई गई है। इसके बाद इन वाहनों को नष्ट किया जाना है। परिवहन विभाग ने इस प्रक्रिया को शुरू भी कर दिया है, लेकिन उसके सामने वाहनों को डंपिंग करने के लिए स्थल ना मिलना एक समस्या बना हुआ है। ऐसे में शासन से लिखित में आदेश आने के बाद संभागीय परिवहन विभाग के अधिकारियों पशोपेश में पड़े हुए हैं और इसको लेकर मंथन कर रहे हैं।
इस संबंध में संभागीय परिवहन अधिकारी विश्वजीत प्रताप सिंह ने बताया कि डंपिंग ग्राउंड की तलाश काफी दिनों से चल रही है। यह लंबी प्रक्रिया है और इसमें समय लग सकता है। फिर भी हमारी कोशिश है कि जल्द से जल्द डंपिंग ग्राउंड मिल जाए।
