Wednesday, March 4, 2026
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मिट्टी के बर्तन में खाना स्वास्थ वर्धक, प्लास्टिक के बर्तन में खाना हानिकारक: ओमप्रकाश गोला

मेरठ (हि.स.)। उप्र माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष ओमप्रकाश गोला प्रजापति ने कहा कि मिट्टी के बर्तन में खाना स्वास्थ्यवर्धक है। जबकि प्लास्टिक के बर्तन में खाना हानिकारक है। उन्होंने माटी कला के कारीगरों को अनिवार्य रूप से मिट्टी की उपलब्धता के लिए पट्टों का आवंटन करने के निर्देश दिए।

विकास भवन सभागार में शनिवार को उप्र माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष ओमप्रकाश गोला प्रजापति ने माटी कला से जुड़े कामगारों को आवंटित पट्टों की वस्तुस्थिति, उनकी संख्या एवं उन पर हुए अवैध कब्जों के संबंध में अधिकारियों एवं माटी कला बोर्ड के लाभार्थियों के साथ समीक्षा बैठक की।

बैठक का उद्देश्य माटी कला का कार्य कर रहे कारीगरों को अनिवार्य रूप से मिट्टी की उपलब्धता के लिए पट्टों के आवंटन, उनके कौशल विकास एवं उत्पादित सामाग्री की बिक्री, बैकों के माध्यम से मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना के अन्तर्गत स्वरोजगार हेतु आर्थिक सहायता प्रदान करना, निःशुल्क विद्युत चालित चाक वितरण कराना, माटीकला योजना का प्रचार-प्रसार एवं कामगारों को पुरस्कार दिलाना रहा।

ओमप्रकाश गोला ने कहा कि उप्र सरकार द्वारा माटी कला कारीगरों को प्रदेश में निःशुल्क विद्युत चालित चाक वितरित किए जा रहे हैं। उनके कौशल विकास के लिए प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना के अन्तर्गत माटी कला कारीगरों को बैकों के माध्यम से वित्त पोषण कराकर अनुदान शासन द्वारा दिया जा रहा है।

अध्यक्ष ने कहा कि कारीगरों को बैकों से ऋण दिलाने में अधिकारी सहयोग करें। माटीकला से संबंधित कारीगर एवं लाभार्थियों की शिकायत निस्तारण में शिथिलता एवं लापरवाही की शिकायत मिलने पर अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कारीगरों की शिकायतों का निस्तारण माटी कला बोर्ड के सदस्य संजय प्रजापति द्वारा अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर कराया जाएगा। उत्तम कार्य वाले कारीगरों को सम्मानित किया जाएगा।

माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष ने कहा कि मिट्टी के दीयों में मोम भरकर उसमें बत्ती लगाकर बेचने से आय बढ़ेगी। अपने उत्पादों की गुणवत्ता का ध्यान रखें। मिट्टी से बनने वाले उत्पादों की संरचना सही होगी तो उसका दाम भी अच्छा मिलेगा। मिट्टी के बर्तन में खाना स्वास्थवर्धक होता है और प्लास्टिक के बर्तन में खाना हानिकारक होता है। कुल्हड़ ही एक ऐसा बर्तन है जो चाय पीते समय मिट्टी चूमने का एहसास कराता है। स्कूलों में जाकर बच्चों को मिट्टी के बर्तनों के बारे में जागरूक किया जाए।

बैठक में प्रत्येक कारीगर को मिट्टी की उपलब्ध कराने, कारीगरों को मिट्टी के नए-नए उत्पाद विकसित करने के लिए प्रोत्साहन देने के निर्देश दिए गए। कारीगरों को सहकारी समितियों का गठन कर कॉमन फैसेलिटी सेन्टर की स्थापना करके योजना का लाभ उठाने को कहा गया।

बैठक में सीडीओ शशांक चौधरी, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व पंकज वर्मा, महाप्रबंधक जिला उद्योग केन्द्र वीके कौशल, अग्रणी जिला प्रबंधक एसके मजुमदार आदि उपस्थित रहे।

कुलदीप

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