नई दिल्ली (हि.स.)। देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया का दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में शुद्ध लाभ 65.35 फीसदी घटकर 475.30 करोड़ रुपये रह गया। हालांकि, कंपनी को पिछले वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 1,420 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था। दूसरी तिमाही में कुल वाहनों की बिक्री तीन फीसदी घटकर 3,79,541 इकाई रही, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 3,93,130 इकाई थी।
मारुति सुजुकी इंडिया ने बुधवार को जारी एक बयान में कहा कि समीक्षाधीन अवधि में सेमीकंडक्टर की कमी से विनिर्माण प्रभावित हुआ है। इसके अलावा जिंस लागत बढ़ने से भी मारुति का मुनाफा प्रभावित हुआ। हालांकि, समीक्षाधीन तिमाही के दौरान मारुति को परिचालन से संचयी आय 20,551 करोड़ रुपये रही, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह 18,756 करोड़ रुपये थी। इसके साथ ही कंपनी ने दूसरी तिमाही के दौरान 379,541 यूनिट बेची। इस दौरान कंपनी ने घरेलू बाजार में 3,20,133 गाड़ियां बेचीं।
इसके अलावा कंपनी ने जुलाई-सितंबर तिमाही में 59,408 गाड़ियों का निर्यात किया, जो किसी एक तिमाही में किया गया अब तक का रिकॉर्ड निर्यात है। कंपनी ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट की कमी की वजह से कंपनी 116,000 गाड़ियां नहीं बना पाई जबकि दूसरी तिमाही के अंत में कंपनी के पास 200,000 से ज्यादा ऑर्डर लंबित थे।
