बसपा सुप्रीमो मायावती ने पंचायत चुनाव में मनमाफिक परिणाम न आने के बाद एक बार फिर संगठन में फेरबदल शुरू कर दिया है। उन्होंने मुख्य सेक्टर प्रभारियों के दायित्वों में भारी बदलाव किया है। बड़े मंडलों में छह से सात और छोटे मंडलों में चार से पांच मुख्य सेक्टर प्रभारी बनाए हैं। इसके अलाव हर जिलों के लिए अलग-अलग सेक्टर प्रभारी बनाए हैं।
बसपा सुप्रीमो ने वोटबैंक के हिसाब से मुनकाद अली का कद बढ़ते हुए उन्हें पूर्वांचल के अधिकतर मंडलों की जिम्मेदारी दी है। उन्हें प्रयागराज के साथ वाराणसी और मिर्जापुर मंडल की भी जिम्मेदारी दी गई है। पंचायत चुनाव में बसपा ने पूर्वांचल में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। बताया जा रहा है कि इसके चलते ही उनका कद बढ़ाया गया है।
मायावती मिशन-2022 को ध्यान में रखकर संगठन में फेरबदल कर रही हैं। जातीय समीकरण के आधार पर मुख्य सेक्टर प्रभारियों के दायित्वों का निर्धारण किया गया है। पूर्वांचल, अवध, बुंदेलखंड, रुहेलखंड और पश्चिमी यूपी कॉडर के विश्वासपास नेताओं को जिम्मेदारियां दी गई हैं। पार्टी सूत्रों की मानें तो सेक्टर प्रभारियों को संगठन विस्तार की जिम्मेदारी दी गई है।
मायावती ने इसके साथ ही मंडलीय बैठकों का दौर शुरू कर दिया है। इसमें संगठन विस्तार की समीक्षा कर रही हैं। बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत किया जा रहा है। बसपा सुप्रीमो विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को मजबूत कर लेना चाहती हैं, जिससे इसके सहारे चुनावी वैतरणी पार हो चुके।
