-योगी सरकार की आम जनमानस को उचित मूल्य पर बालू, मोरंग उपलब्ध कराने की पहल लाई रंग
लखनऊ (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर लोगों को उचित मूल्य पर बालू और मोरंग उपलब्ध कराने के लिए बड़ी पहल की गई है। अब लोग सीधे माइन मित्रा पोर्टल के माध्यम से खनिज पदार्थों की खरीद उचित मूल्यों पर कर सकते हैं। इसके लिए योगी सरकार की तरफ से शुरू हुए माइन मित्र पोर्टल पर 65 दिनों में 46 हज़ार 733 आवेदन पत्रों का निस्तारण किया गया है। मई 2022 में लॉन्च हुए पोर्टल पर अब तक 57 हजार 690 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
खनन विभाग की ओर से ई-नागरिक सेवाओं के तहत 10 सेवाएं दी जा रही हैं। इसमें तीन निवेश मित्र और छह मुख्यमंत्री डैश बोर्ड दर्पण से एकीकृत है। प्रदेश में खनन और अवैध परिवहन को रोकने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित मानव रहित प्रवर्तन तंत्र के संचालन के लिए 16 जिलों में 21 चेकगेट और मिनी कमांड सेंटर की स्थापना की गई है। इसके द्वारा खनिज परिवहन में अनियमितता और नियमों के उल्लंघन पर 22 हज़ार 422 ई नोटिस जारी की गई है। करीब 31 करोड़ जुर्माना वसूला गया है। इसके अलावा सात अन्य स्थानों पर चेक गेट की स्थापना की जा रही है।
खनन कार्यों में आई पारदर्शिता
राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मई 2022 में माइन मित्र पोर्टल का शुभारंभ किया था। इसका मुख्य उद्देश्य खनन कार्यों में पारदर्शिता लाना था। इस पोर्टल पर खनन विभाग की विभिन्न सेवाएं सहज रूप से उपलब्ध हैं। किसी को अपनी निजी भूमि से मिट्टी निकालनी हो, खरीदी गई मिट्टी का परिवहन करना हो, खनिज कार्यों के लिए लीज, परमिट, रजिस्ट्रेशन आदि को इस प्लेटफार्म से जोड़ा गया है। पोर्टल की मदद से ईंट भट्ठों को ऑनलाइन भुगतान करने में भी इससे आसानी हो रही है।
ऑनलाइन पोर्टल से आवेदनों का हो रहा समयबद्ध निस्तारण
माइन मित्र के तहत भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय द्वारा प्रदेश में उप खनिजों की खरीद और बिक्री के लिए ई-कॉमर्स पोर्टल मिनरल मार्ट विकसित किया गया है। Minemitra.up.gov.in एवं upmineralmart.com पोर्टल पर 1015 विक्रय स्थलों का जिलेवार एवं खनिज वार विवरण उपलब्ध है। पहले छोटे-छोटे कार्यों के लिए अनुमति लेने में लोगों को काफी दिक्कत होती थी। मैनुअल आवेदनों के कारण भ्रष्टाचार की शिकायतें भी मिलती थीं। ऑनलाइन पोर्टल से न केवल आवेदनों का समयबद्ध निस्तारण हो रहा है, बल्कि सिस्टम में और पारदर्शिता आई है।
168 करोड़ रुपये से अधिक मिला राजस्व
खनन विभाग के लगातार प्रयासों से वित्तीय वर्ष 2022-23 में पिछले वर्ष की तुलना में जून माह तक 168 करोड़ रुपये से अधिक राजस्व की प्राप्ति हुई है। सरकार का मानना है कि बालू, मिट्टी और मोरंग से आम आदमी का सीधा जुड़ाव है। जनसामान्य को उचित दर पर बालू, मोरंग और गिट्टी उपलब्ध होनी चाहिए। ऐसे में सरकार का माइन मित्रा पोर्टल आमजन को सुविधा देने के लिए अभिनव प्रयास है।
दिलीप शुक्ल
