– कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं को शासकीय कर्मचारी घोषित करने की मांग
वाराणसी (हि.स.)। विभिन्न मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कर्मचारियों ने कचहरी वरूणापुल स्थित शास्त्रीघाट पर दो दिवसीय धरना बुधवार से शुरू किया। उत्तर प्रदेश आंगनबाड़ी कर्मचारी कल्याण एसोसिएशन शाखा वाराणसी के बैनर तले धरने में जुटी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने आरोप लगाया कि कार्य एवं दायित्वों की सेवा नियमावली बनाये बगैर मनमाने ढंग से विभागीय कार्यों के अतिरिक्त अन्य विभाग का भी कार्य दबाव डालकर उनसे कराया जाता है। विरोध करने पर सेवा समाप्ति की धमकी दी जाती है।
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि मां एवं बच्चों की सम्पूर्ण दायित्व उठाने वाली आंगनबाड़ी महिलाओं का मानदेय सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी से भी कम दिया जाता है ।जिसके कारण आंगनबाड़ी, सामाजिक, मानसिक एवं आर्थिक रूप से शोषित एवं पीड़ित हो रही हैं। कर्मचारी नेताओं ने प्रदेश शासन को पुराना वादा याद दिलाया। बताया कि भाजपा ने प्रदेश में सरकार बनाने के पूर्व वादा किया था कि आंगनबाड़ी सहायिकाओं, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों व आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के मानदेय में वृद्धि व सेवा शर्तों में सुधार अति आवश्यक है। सरकार में आने के बाद एक समिति का गठन करके 120 दिनों में उसकी रिपोर्ट के आधार पर उनके मानदेय में वृद्धि की जायेगी। लेकिन आज तक उनके मानदेय में वृद्धि नहीं की गयी।
कर्मचारी नेता सबा परवीन ने कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं को शासकीय कर्मचारी घोषित करने, कार्यकत्री को प्रतिमाह मानदेय न्यूनतम मजदूरी 18,000 हजार रूपये और सहायिकाओं को 9000 हजार रूपये प्रतिमाह देने की मांग की। कर्मचारी नेता अंजनी मौर्या एवं लीला सिंह ने कहा कि सावित्री के इस देश में जिसने भी महिलाओं का शोषण, उत्पीड़न किया है उसका सर्वनाश हुआ है। अच्छे दिन के झूठे वादे करने वालों अगर सत्ता में रहना है तो विधानसभा चुनाव 2022 के पहले हमारी मांगों को पूरा करने का काम करें।
कर्मचारी नेताओं ने मांग किया कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं के कार्य एवं दायित्वों की शासकीय सेवा नियमावली बनाया जाए। कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं को जब तक शासकीय कर्मचारी का दर्जा नहीं मिल जाता है तब तक विभाग के अतिरिक्त अन्य किसी भी विभाग का कार्य/राष्ट्रीय कार्यक्रम का कार्य न कराया जाय। धरना प्रदर्शन की अध्यक्षता संगठन के प्रांतीय सरंक्षक बाबू लाल मौर्य ने की। धरना के बाद मांगों का ज्ञापन एसीएम चतुर्थ को सौंपा।
धरना में संयोगिता कुमारी, विजय कुमार पाण्डेय, रामबदन यादव, अंजना सोनी, गीता सिंह, शकुन्तला यादव, संजय सिंह, रामगोपाल, अम्बिका सेठ, शैल सिंह, सिन्धू गिरि, प्रवेश सिंह, रानू मौर्या, सुषमा सिंह, नगीना देती, शशिकला पाल आदि शामिल रही।
