Tuesday, February 10, 2026
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माँ वैष्णो देवी की भक्ति में डूबे लोटन बाबा लेट-लेट कर पहुंचे श्रीकृष्ण नगरी मथुरा

-लोटन बाबा से अभी आठ सौ किमी दूर हैं माँ वैष्णो

मथुरा(हि.स.)। मध्य प्रदेश के बिजली विभाग में लाइन मैन की नौकरी को त्याग कर माँ वैष्णो देवी की भक्ति में डूबे लोटन बाबा लेट-लेट कर गुरुवार को श्रीकृष्ण नगरी मथुरा पहुंचे हैं। वह नर्मदापुरम से जम्मू स्थित माँ वैष्णो देवी के चरणों में हाजरी लगाने के लिए लेट-लेट कर जा रहे हैं।

लोटन बाबा ने बताया कि 10 नवबर, 2022 को पिपरिया से यात्रा शुरू किया था। मेरे यात्रा का आज 188 दिन पूरा हुआ है, इस दौरान 700 किलोमीटर की दूरी तय कर चूका हूं। बताया कि प्रतिदिन औसतन चार से पांच किलीमीटर की दूरी तय करता हूं।

उन्होंने कहा कि माता वैष्णो देवी के दर्शन का प्रण लिया हूँ। इस संकल्प को लेट-लेट कर ही पूरा करूंगा, मानूंगा नहीं। बताया कि 15 सौ किलोमीटर की यात्रा में से 700 किमी की दूरी तय कर चुका हूं।

65 साल के श्रीश्री 108 गणेश गिरी महाराज उर्फ लोटन बाबा चमढ़ी रोड नाका के पास स्थित देवी मंदिर के महंत हैं। लोटन बाबा के साथ दो साधुओं के अलावा दो शिष्य भी चल रहे हैं। बाबा मुख्य हाईवे पर सफर करते हैं। इसलिए उनके आगे एक लोडर गाड़ी चलती है। उसके पीछे एक ढकेल पर बना देवी का मंदिर होता है। मंदिर में मां भगवती की छवि के साथ जोत जलती हुई रखी हुई है। बाबा सुबह शाम माता रानी की पूजा-अर्चना करते हैं और प्रसाद अर्पित करते हैं।

उनके सेवादार ने बताया कि बाबा को सड़क पर लेट-लेटकर चलते देख पहले लोग कुछ समझते नहीं, लेकिन जब उनको उसकी वजह पता चलती है, तो वह उनकी भक्ति के आगे सिर झुकाते हैं। लोटन बाबा के सेवादार नब्ज गिरी बाबा ने बताया कि महाराज जी माता रानी के अनन्य भक्त हैं। यह हर नवरात्र में भूखे पेट व्रत रखते हैं। 10वें दिन प्रसाद पाते हैं। इनको यात्रा में अभी तक किसी तरह को कोई परेशानी नहीं हुई, न किसी तरह का दर्द, न कभी तबीयत खराब हुई।

जूना अखाड़े से जुड़े बाबा लोटन दास ने बताया कि उनका टारगेट है कि वह जल्द से जल्द मां वैष्णो देवी के धाम पहुंचे। भगवती के दरबार में हाजिरी लगाएं। मैं हर दिन 4 से 5 किलोमीटर इसी तरह चलता हूं। फिर जहां विश्राम मिल जाए, वहीं रुक जाता हूं। करीब 6 से 7 महीने में वैष्णो देवी के धाम पहुंच जाऊंगा। मथुरा से वैष्णो देवी धाम की दूरी करीब 800 किलोमीटर है।

नौकरी छोड़ी, परिवार छोड़ बने साधू

लोटन बाबा ने बताया कि वह बचपन से माता रानी की भक्ति करते थे। मध्य प्रदेश बिजली विभाग में लाइनमैन की नौकरी करता था। 1982 में नौकरी छोड़ दी। मां भगवती में ऐसी आस्था लगी कि सबकुछ छोड़ दिया, शादी की नहीं, भाई परिवार था, सब छोड़ दिया।

महेश/राजेश

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