Monday, April 6, 2026
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महाशिवरात्रि विशेष : महाभारत काल से पूर्व का शिव मंदिर, गाय के खड़े होने पर निकल जाता दूध

फिरोजाबाद (हि.स.)। महाशिवरात्रि का पर्व मंगलवार को पूरे देश में बड़े धूमधाम से मनाया जायेगा। इसको लेकर मंदिरों में तैयारियां शुरु कर दी गई है। शिव मन्दिरों की अगर बात की जाये तो पूरे प्रदेश में कई ऐतिहासिक प्राचीन मंदिर है जो प्रदेश में ही नहीं पूरे देश में भी विख्यात है।

ऐसा ही एक मंदिर जनपद में बना हुआ है, जो महाभारत काल से पहले का बताया जा रहा है। इस मन्दिर को ऐतिहासिक चीजे जुड़ी हुई जो लोगों अपनी ओर आकर्षित करती है। महाशिवरात्रि पर यहां लक्खी मेला लगता है। काफी संख्या में श्रद्धालु कांवड़ लाकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते है और उनकी मनोकामना पूरी होती है।

जनपद से लगभग सात किलो मीटर दूर गांव सांती स्थित सांतेश्वर नाथ महादेव मंदिर कई वर्ष पुराना है। इसका पौराणिक और पुरातात्विक महत्व है। मंदिर के महंत रमेश गोस्वामी बताते है कि हमारे पूर्वज बताते है कि इस मंदिर का निर्माण महाभारत के समय से पहले किया गया था। महाराज शांतनु भगवान शिव की आराधना करते थे। उनके समय में एक सांप प्रतिदिन एक ही स्थान पर आकर बैठता था। खुदाई की गई तो यहां शिवलिंग निकला, जिसकी स्थापना करा दी गई। शिवलिंग की गहराई जानने के लिए कई बार खुदाई की गई, लेकिन आज तक यह पता नहीं लग सका कि शिवलिंग जमीन के अंदर कितनी गहराई तक हैं।

उन्होंने बताया कि भीष्म पितामह की निकासी इसी जगह से है। महाभारत के युुद्ध के बाद फिर कोई यहां नहीं आया। आज भी इस मंदिर को भीष्म पितामह के नाम से लोग जानते हैं। मंदिर के पास ही एक किला है, जो अब खंडहर हो चुका है।

महंत ने बताया कि इस मंदिर में कई चमत्कार होते रहे हैं। एक गाय यहां आकर खड़ी होती थी और उसका दूध अपने आप निकलता था। एक सांप जो मंदिर के आस-पास ही रहता था। कई बार भगवान शिव की पिंडी से लिपटे हुए लोगों ने दर्शन किए हैं। यहां जो भी श्रद्धालु सच्चे मन से आता है। उसकी सभी मनोकामना पूरी होती हैं।

कौशल/दीपक

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