– महापर्व पर भीड़ प्रबंधन का खाका तैयार, चिकित्सा विभाग की टीमें भी तैनात रहेगी
वाराणसी(हि.स.)। महाशिवरात्रि पर्व पर शनिवार को काशी विश्वनाथ के दरबार में श्रद्धालु शिवभक्तों को चारों द्वार से प्रवेश और निकास दिया जाएगा। मंदिर में सभी मार्गों पर जिस रास्ते से दर्शनार्थी प्रवेश करेंगे और निकलेंगे उस पर समुचित बैरिकेडिंग भी की गई है।
मंडलायुक्त ने मंदिर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, चिकित्सा, पेयजल, बैरिकेडिंग को लेकर विभागों की जिम्मेदारी तय की। महाशिवरात्रि पर्व पर देश के कोने-कोने और विदेशों से आने वाले दर्शनार्थियों की भीड़ प्रबंधन को लेकर खास तौर पर योजना बनाई गई। मंडलायुक्त ने कहा कि मंदिर परिसर में जगह-जगह पेयजल की व्यवस्था कराई जाए ताकि दर्शनार्थियों को बैरिकेडिंग के बाहर न निकलना पड़े। गंगा घाट पर धाम के चौक परिसर में और चार नंबर मुख्य प्रवेश द्वार पर चिकित्सा विभाग की टीमें तैनात की जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में लोगों को चिकित्सकीय सुविधा मुहैया कराई जा सके।
मंदिर में आने वाले दर्शनार्थियों के लिए पेयजल चिकित्सा की सुविधा और खोया पाया केंद्र के अलावा पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम भी जगह-जगह लगाए जा रहे हैं। मंडलायुक्त निर्देश दिया कि किसी प्रकार के वाहन मैदागिन और गोदौलिया से मंदिर की तरफ नहीं आएंगे। दिव्यांग जनों, वृद्धजनों के लिए ई-रिक्शा मंदिर की ओर से चलाया जा रहा है उसका दुरुपयोग ना हो इसके लिए उससे पर होमगार्ड के जवान तैनात किए जाएं। मंडलायुक्त ने जिला प्रशासन के तैनात अधिकारियों को भी अपने-अपने प्वाइंटों पर निरीक्षण करके व्यवस्थाओं को देखने का निर्देश दिया। बैठक में डीसीपी काशी, डीसीपी सुरक्षा, एडीएम सिटी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी आदि उपस्थित रहे।
पिछले साल महाशिवरात्रि पर पांच लाख से अधिक शिवभक्तों ने दरबार में हाजिरी लगाई थी। वहीं, इस बार यह आंकड़ा सात लाख से अधिक हो सकता है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के मद्देनजर जिला प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन का खाका तैयार कर लिया है।
श्रीधर
