अयोध्या (हि.स.)। जब देश ही नहीं, पूरा विश्व कोरोना महामारी से चपेट में था। मानसिक रूप से भी परेशान था ,ऐसे समय में तीन कलशा तिवारी मंदिर के महंत वर्तमान महापौर महन्त गिरीशपति त्रिपाठी ने “हृदय में राम”का आध्यात्मिक परिचय समाज के समक्ष प्रस्तुत किया। जिससे लोगों को मानसिक रूप से बल प्रदान हुआ। हृदय में राम एक आध्यात्मिक परिचय है कि भगवान श्री राम सबके हृदय में रहते हैं ।दकेवल और केवल समझने की आवश्यकता है। उन्होंने अब तक डेढ़ सौ एपिसोड से अधिक कर करोड़ों लोगों की चेतना को जागृत किया है।
मंडलायुक्त सभागार में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सोमवार को महंत त्रिपाठी ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि हृदय में राम एपिसोड सभी को मानसिक मजबूती प्रदान करता है और जब व्यक्ति मानसिक रूप से मजबूत होगा। तब कोई भी काम उसके लिए असंभव नहीं लगेगा। तनाव मुक्त होकर नए ऊर्जा के साथ नए समाज के निर्माण में अपना योगदान देगा, यही हृदय में राम का लक्ष्य था और यह पूरा हो रहा है।उन्होंने बताया कि 16 दिसंबर से “हृदय में राम ” पुनः प्रारंभ हो रहा है, सहयोग के लिए आप सभी पत्रकार बंधुओं का आभार व्यक्त करता हूं। जो मीडिया के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाने का काम आप सबने किया है। हृदय के राम के माध्यम से अलग-अलग विषयों पर राम की व्याख्या कर युवाओं को भी मोटिवेट करने का कार्य हुआ है और इससे लाखों युवा प्रेरित हुए हैं। इसीलिए हृदय में राम लोक संस्कार को समर्पित विशेष आयोजन 16 दिसंबर को रामपाल जी पर होगा।
इसके पूर्व 6 नवंबर से कार्यक्रम की शुरुआत की जाएगी, जिसमें 4 दिसंबर को ऑनलाइन प्रतियोगिता 6 दिसंबर को ऑफलाइन प्रतियोगिता, सभी स्कूलों में 8 दिसंबर को लेखन प्रतियोगिता 11 दिसंबर को विश्वविद्यालय के सभागार में मौखिक प्रश्नोत्तरी, प्रतियोगिता का आयोजन होगा। इसमें भाग लेने वाले प्रतिभागी क्यूआर कोड स्कैन कर फॉर्म भर सकते हैं। मुख्य और वृहद कार्यक्रम 16 दिसंबर को राम नगरी के राम की पैडी पर होगा। इस अवसर पर मंडलायुक्त गौरव दयाल सहित अन्य लोगों ने पोस्टर जारी करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया।इस अवसर पर ई. रवि तिवारी, शाश्वत पाठक, श्रीनिवास शास्त्री, विपीनेश पांडे रमेश गुप्ता राना विनोद पाठक भी मौजूद रहे।
पवन पाण्डेय
