लखनऊ (हि.स.)। उत्तर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर रविवार को महर्षि वाल्मीकि जयंती काफी श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बृजलाल खाबरी ने महर्षि वाल्मीकि के चित्र पर माल्यार्पण कर संबोधित किया।
महर्षि के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि महान संत और आदि काव्य ‘‘रामायण’’ के रचयिता महर्षि वाल्मीकि ने प्रभु श्रीराम के जीवन परिचय के साथ-साथ, उनके सामाजिक आदर्शों से भी दुनिया को अवगत कराया। जो वर्तमान और भविष्य में मानव जाति के लिए एक आध्यात्मिक शक्ति देने वाला अद्वितीय उपहार है।
प्रांतीय अध्यक्ष पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि की महान रचना से हमें महाग्रंथ रामायण का आध्यात्मिक सुख मिला। यह एक ऐसा ग्रंथ हैं, जिसने मर्यादा, सत्य, प्रेम, भातृत्व, मित्रत्व एवं सेवक के धर्म की परिभाषा सिखाई।
राष्ट्रीय सचिव तौकीर आलम एवं प्रांतीय अध्यक्ष योगेश दीक्षित ने कहा कि वाल्मीकि के व्यक्तिगत जीवन से भारतीय दर्शन मजबूत हुआ। महर्षि वाल्मीकि ने अपने लेखन, आचार व व्यवहार से समाज के व्यवहारिक मूल्यों की पृष्ठभूमि मजबूत किया।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता विकास श्रीवास्तव ने बताया कि परिवर्तन चौक, वाल्मीकि प्रतिमा पर पहुंचने पर वाल्मीकि समाज के नेता रितेश वाल्मीकि व मयंक वाल्मीकि आदि समाज के नेताओं ने नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष व प्रांतीय अध्यक्षों का माल्यार्पण कर स्वागत किया। इसके साथ ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने परिवर्तन चौक स्थित महर्षि वाल्मीकि की भव्य प्रतिमा पर पहुंचकर माल्यार्पण व पूजा अर्चना किया। इस दौरान उनके साथ प्रांतीय अध्यक्ष पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी, योगेश दीक्षित व अनिल यादव समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
दीपक
